चार साल बेंच पर बिताकर अब आरसीबी से मुंबई इंडियंस में लौटा ये घातक गेंदबाज

 
मुंबई इंडियंस

T20 वर्ल्ड कप के समाप्त होने पर अब सभी फैंस आईपीएल के अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच आईपीएल 2023 की तैयारियां भी शुरू हो चुकी है। आईपीएल में भाग लेने वाली कई फ्रेंचाइजी ने अपनी टीमों में कुछ बदलाव भी किए हैं। खबर है कि ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जेसन बेहरेनडॉर्फ मुंबई इंडियंस में फिर से वापसी कर सकते हैं। उन्हें आईपीएल 2023 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ट्रेड किया है। साल 2022 आईपीएल सीजन में उन्हें 75 लाख रुपए के बेस प्राइस पर लिया था। हालांकि उन्हें एक मैच में भी प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। बता दें कि इससे पहले 2018 मुंबई इंडियंस ने उन्हें खरीदा था। परंतु वह पीठ की चोट के कारण बाहर हो गए थे। वहीं उन्हें 2019 संस्करण के लिए मुंबई इंडियंस ने बरकरार रखा। साल 2019 में सीएसके के खिलाफ उन्होंने पदार्पण किया। सीएसके ने साल 2021 में उन्हें साइन किया था। वहीं साल 2022 में वह आरसीबी में गए थे परंतु यहां भी उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला।जिसके बाद 3 साल बाद जेसन ने  मुंबई में वापसी कर रहे हैं।


बेंच पर बिताए 4 साल

पिछले 5 साल से जेसन बेहरेनडॉर्फ आईपीएल का हिस्सा है। परंतु उन्होंने इसमें से 4 साल बेंच पर बिठाकर ही गुजार दिए। उन्हें साल 2019 में खेलने का मौका मिला था।  इस दौरान उन्होंने 5 विकेट लिए थे। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 2021 के आईपीएल सीजन में जोश हेजलवुड के रिप्लेसमेंट के रूप में तैयार किया। हालांकि आईपीएल का दूसरा फेस यूएई में शुरू होने पर हेजलवुड वापस गए थे बता दें कि जेसन बेहरेनडॉर्फ ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 9 टी 2p इंटरनेशनल मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने 21 रन देते हुए 7 विकेट अपने नाम किए हैं। वही जेसन बेहरेनडॉर्फ ने कुल 105 मैचों में 117 विकेट अपने नाम किए हैं।

खराब रहा पिछला सीजन

वर्तमान में मुंबई इंडियंस टीम में जोफ्रा आर्चर, डेनियल सैम्स, जसप्रीत बुमराह, रिले मेरेडिथ तथा कुछ अन्य तेज गेंदबाज शामिल है। आईपीएल में सबसे सफल टीम माने जाने वाली मुंबई इंडियंस का पिछला सीजन काफी खराब रहा था। 2022 आईपीएल में मुंबई इंडियंस दसवें स्थान पर थी।

23 दिसंबर को होगी नीलामी

कोच्चि में 23 दिसंबर को 2023 आईपीएल सीजन के लिए नीलामी होगी। बता दें कि यह 2022 में मेगा नीलामी के विपरीत एक मिनी नीलामी होगी। अपनी पिछली नीलामी में फ्रेंचाइजी के पास बचे हुए पैसे तथा उनके द्वारा जारी किए गए खिलाड़ियों के मूल्य के अलावा प्रत्येक टीम के पास अतिरिक्त 5 लाख रुपए नीलामी में खर्च करने के लिए होंगे। जिससे कि फ्रेंचाइजी के पास 95 करोड़ का कुल पर्स हो जाएगा।