26 छक्के और 87 चौकों के साथ एक ही दिन में टूटा 2 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड

 
क्रिकेट

टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों को शुरुआती गेंद से ही बड़े शॉट लगाने का मौका मिलता है। इसी बात का फायदा उठाते हुए 19 साल के एक बल्लेबाज ने क्रिकेट में धूम मचा रखी है। बता दे कि इस खतरनाक बल्लेबाज का नाम है डेवाल्ड ब्रेविस। आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से ब्रेविस खेलते थे। वही साउथ अफ्रीका के सीएसए T20 चैलेंज टूर्नामेंट में ब्रेविस ने 57 गेंदों में 162 रनों की पारी खेली थी। इस दौरान टाइटंस टीम की ओर से खेलते हुए ब्रेविस ने 52 गेंदों में ही अपने 150 रन पूरे कर लिए थे। T20 क्रिकेट में ब्रेविस ने सबसे तेजी से 150 रन बनाए हैं। इससे पहले गेल ने आरसीबी की ओर से 53 गेंदों में 150 रन बनाए थे।

इस मैच में ब्रेविस ने न केवल बड़ा रिकॉर्ड बनाया बल्कि इस मैच में दोनो टीमों ने टी20 में सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया।  इस मैच में दोनों पारी में मिलाकर कुल 501 रन बने। इस दौरान दोनों पारियों में मिलाकर 33 चौके और 36 छक्के भी लगे जानकारी के लिए बता दें कि 12 मार्च 2006 को दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया के वनडे मैच में पहली बार दोनों टीमों ने मिलकर 400 रनों का आंकड़ा पूरा किया था।

पहली बार वनडे में बने थे 400 से ज्यादा रन

मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 434 रन बनाए थे। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग ने 105 गेंदों में 164 रन जड़े थे।इस दौरान उनके बल्ले से 13 चौके और 9 छक्के भी देखने को मिले। उस मैच में एंड्रयू सायमंड्स और ब्रेट ली के अलावा सभी बल्लेबाज जो मैदान पर खेलने उतरे उन्होंने 50 या उससे अधिक रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया की पारी में 43 चौके और 14 छक्के लगे थे।

434 रनों के बड़े लक्ष्य को देखने के बाद सभी के मन में यही सवाल था कि इतने बड़े लक्ष्य को कैसे हासिल किया जा सकता है।परंतु उस समय दक्षिण अफ्रीका ने नहले पर दहला मारते हुए 9 विकेट के नुकसान पर ही 438 रन बनाकर वह मैच अपने नाम कर लिया। इस दौरान साउथ अफ्रीका की ओर से 2 बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए। वहीं दक्षिण अफ्रीका की पारी में कुल 12 छक्के और 44 चौके लगे। दोनों टीमों को मिलाकर कुल 872 रन बने थे। इसके बाद साल 2009 में वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बने थे। बता दे कि भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबले में यह बड़ा स्कोर बना था जिसमे दोनों पारियों में मिलाकर कुल 825 रन बने थे।