सेमीफाइनल में हार के बाद राहुल द्रविड़ का बड़ा बयान, भारतीय प्लेयर्स को खेलनी चाहिए विदेशी लीग

 
राहुल द्रविड़

इंग्लैंड से सेमीफाइनल हारने के बाद भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है। इससे पहले साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में  भारत ने अपना पहला टी-20 का खिताब जीता था। तब से लेकर अभी तक भारत अपना दूसरे खिताब का इंतजार कर रहा है।  अपने सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बनाए थे। वही इस लक्ष्य को इंग्लैंड टीम ने 16 ओवर में प्राप्त कर लिया। मैच में एलेक्स हेल्स और जोश बटलर ने आक्रामक पारी खेली। वहीं भारतीय टीम की हार के बाद मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने मीडिया से बातचीत की।

विदेशी लीग में खेलने पर बोले कोच

आईपीएल के अलावा भारतीय खिलाड़ी दुनिया के किसी टी20 लीग में नहीं खेलते हैं। परंतु अन्य देशों के खिलाड़ी ऐसा नहीं करते हैं। इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे एलेक्स हेल्स ऑस्ट्रेलिया के T20 बीबीएलके खिलाड़ियों में मौजूद है। वहीं पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हरीश रावत भी विदेशी लीग में क्रिकेट खेल चुके हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय हेड कोच राहुल द्रविड़ ने विदेशी T20 लीग में भारतीय खिलाड़ियों के खेलने पर कहा कि विदेशी लीग में खेलने से हमारे खिलाड़ियों को सहायता मिलेगी। इसका फैसला बीसीसीआई को करना चाहिए।

कोच ने आगे कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को बीबीएल खेलने में मुश्किल होती है। क्योंकि उस समय हमारे यहां घरेलू सीजन भी चल रहा होता है।

घरेलू क्रिकेट समाप्त होने का डर

भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने आगे कहा कि यदि भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी T20 लीग खेलने की परमिशन मिलती है तो इससे हमारा घरेलू क्रिकेट खत्म हो जाएगा। क्योंकि यदि भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग में भाग लेने की अनुमति मिलती है। तो रणजी ट्रॉफी और घरेलू क्रिकेट दोनों ही समाप्त हो जाएंगे।