पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने की BCCI के इस फैसले की तारीफ, खिलाडियों को दी ये सलाह

 
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बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को विदेशी लीगो में खेलने की परमिशन नहीं देता है। वहीं भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री बीसीसीआई के इस फैसले से काफी ज्यादा खुश हैं। पूर्व कोच का मानना है कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को विदेशी लीगो में खेलने की कोई आवश्यकता नहीं है।उन्हें विदेशी लीगो में खेलने की बजाए अपने देश में ही अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए। विदेशी लीगो में नहीं खेलने के कारण भी भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीगो में खेलने की नहीं है आवश्यकता

पूर्व कोच रवि शास्त्री ने बताया कि सभी खिलाड़ियों के लिए एक सिस्टम में मौजूद होना और एक मौका प्राप्त करना घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त है। इसके अलावा आपको विदेशों में जाकर खेलने के भी मौके मिलते हैं।। एक समय में आपके पास भविष्य में खेलने वाले दो भारतीय टीमें हो सकती है। हाल ही के वर्षों में भारत के दौरे अधिक हुए हैं। वही सभी भारतीय खिलाड़ियों को आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त अनुभव मिल जाता है। इसलिए विदेशों में खेलने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छे से ध्यान दे रहे हैं तो उन्हें विदेशी लीग खेलने की जरूरत नहीं है। वह भारत में रहकर ही घरेलू क्रिकेट में अपने खेल को और सुधार कर सकते हैं।

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सेमीफाइनल में मिली थी हार

दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था इस हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों को विदेशों में खेलने की मांग रही थी। टीम इंडिया के मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद कहा था कि अंग्रेजी खिलाड़ियों को बीबीएल खेलने के अनुभव से सेमीफाइनल में मदद मिली है इसके अलावा कोच ने आगे कहा कि अधिकांश प्रतियोगिताएं भारत के घरेलू सत्र के दौरान आयोजित की जाती है जिसके कारण भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले पाते हैं। यदि भारतीय खिलाड़ी ऐसे में विदेशों में भाग लेते हैं तो ऐसे में घरेलू क्रिकेट को रोकना पड़ सकता है।