कप्तान रोहित शर्मा ने नहीं दिया इन प्लेयर्स को मौका, इस वजह से हारे T20 वर्ल्ड कप

 
रोहित शर्मा

T20 वर्ल्ड कप 2022 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में बाहर हो गई थी। बता दें कि इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को 10 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम की ओर से बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबाजों ने भी बेहद ही खराब प्रदर्शन किया। जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें टीम से बाहर ही रखा। ऐसे में T20 वर्ल्ड कप 2022 में टीम की हार की सबसे बड़ी वजह रोहित शर्मा की जिद बताई जा रही है।

T20 वर्ल्ड कप

केएल राहुल रहे फ्लॉप

T20 वर्ल्ड कप 2022 के टूर्नामेंट में केएल राहुल पूरी तरह से फ्लॉप दिखाई दिए। केएल राहुल के बल्ले से रन निकलना मुश्किल हो गया था। परंतु फिर भी पूरे टूर्नामेंट में कप्तान रोहित शर्मा ने राहुल से ही ओपनिंग करवाई। इस टूर्नामेंट में केएल राहुल ने 6 मैचों में केवल 128 रन ही बनाए वहीं पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैचों में भी केएल राहुल ने बेहद खराब प्रदर्शन किया।

T20 वर्ल्ड कप

शिखर धवन को नहीं दिया एक भी मौका

हाल ही में शिखर धवन शानदार फॉर्म में चल रहे थे। आईसीसी टूर्नामेंट में शिखर धवन बेहद आक्रामक खेलते हैं। वही आईपीएल में भी शिखर धवन अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। परंतु फिर भी उन्हें वर्ल्ड कप के लिए टीम में नहीं चुना गया। रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए शिखर धवन की जोड़ी बिल्कुल हिट थी।  पृथ्वी शॉ को भी टीम में नहीं चुना गया। यदि यह दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा होते तो वर्ल्ड कप का नतीजा कुछ और ही हो सकता था।

पूरे टूर्नामेंट में बेंच पर बैठे रहे यूज़वेंद्र चहल

इस टूर्नामेंट में लेग स्पिनर बल्लेबाजों के लिए काल साबित हुए। बता दे कि भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा ने पूरे T20 वर्ल्ड कप में चहल को एक मैच में भी मौका नहीं दिया। जानकारी के लिए बता दें कि आई पी एल 2022 में यूज़वेंद्र चहल सबसे ज्यादा 27 विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। वही भुवनेश्वर कुमार के खराब प्रदर्शन होने के बावजूद भी उन्हें हर्षल पटेल की जगह सभी मैचों में टीम में शामिल किया गया।

कप्तान रोहित शर्मा नहीं कर पाए अच्छा प्रदर्शन

भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा भी इस टूर्नामेंट में बुरी तरह से फ्लॉप रहे। छह मैचों में रोहित शर्मा 116 रन ही बना पाए। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने टीम ज्यादा कुछ बदलाव नहीं किया। इसी का खामियाजा भारतीय टीम को इस टूर्नामेंट से बाहर होकर चुकाना पड़ा।