PAK vs NZ : ये 3 कारण जिनके कारण न्यूजीलैंड मैच हार गया

 
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पाकिस्तान ने कल के मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को 7 विकेट से हराकर T20 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि खेल आखिरी ओवर तक चला, लेकिन 153 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के बीच 12.4 ओवर में 105 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप से ये मैच एकतरफा हो गया। डेरिल मिशेल के अर्धशतक ने न्यूजीलैंड को एक साधारण टोटल तक तो पहुँचा दिया लेकिन वो जीत के लिए काफी नही था।

 

इस मैच से पहले बाबर और रिजवान, दोनों को उनकी कम स्ट्राइक रेट के कारण काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और विशेष रूप से अपने कम स्कोर के लिए। इस मैच से पहले बाबर 5 पारियों में केवल 39 रन ही बना पाए थे। लेकिन इस ज़रूरी मुकाबले में दोनो सलामी बल्लेबाज़ों का बल्ला चला। अंत में मोहम्मद हारिस के 30 रन ने पाकिस्तान को जीत तक पहुंचाया।

 

न्यूजीलैंड की हार के ये तीन मुख्य कारण हैं-

 

न्यूज़ीलैंड के फील्डरों ने तीन कैच छोड़े:

क्रिकेट में कहा जाता है की अगर आप कैच पकड़ते है तो आप मैच को भी अपनी मुट्ठी में कर लेते हैं। कल के मुकाबले में न्यूज़ीलैंड के फील्डरों के द्वारा तीन कैच छोड़े गए। यदि वो कैच लपके गए होते तो न्यूज़ीलैंड शायद इस मैच को जीत सकता था। कैच छोड़ना न्यूज़ीलैंड की हार का एक बड़ा कारण माना जा सकता हैं।

 

केन विलियमसन की धीमी पारी:

उसी पिच पर जहां पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाज बाबर और रिजवान ने पावरप्ले में 55/0 और 10 ओवर के बाद 87/0 रन बनाए, न्यूजीलैंड ने पहले छह ओवर में 38/2 और 10 ओवर में 59/3 रन बनाए।

न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन विशेष रूप से धीमी पारी खेलने के लिए फिर से आलोचनाओं का शिकार हुए। विलियमसन ने पावरप्ले में 13 गेंदों में 13 रन बनाए और अंत में 42 गेंदों पर 46 रन बनाए।  जबकि डेरिल मिशेल ने 151 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। पावरप्ले का लाभ उठाने में न्यूज़ीलैंड की टीम विफल रही। विलियमसन सेट होने के बाद भी कछुआ चाल से बैटिंग करते रहे और इसका खामियाज़ा न्यूज़ीलैंड की टीम को भुगतना पड़ा।

क्या न्यूजीलैंड लॉकी फर्ग्यूसन की जगह माइकल ब्रेसवेल को खेल सकता था?

यह वह सवाल है जिस पर न्यूजीलैंड और उनके प्रशंसक अब विचार करेंगे। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट से पहले न्यूजीलैंड में त्रिकोणीय सीरीज में खेले थे जहां ऑफ स्पिनर माइकल ब्रेसवेल ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को परेशान किया। पाकिस्तान के खिलाफ, माइकल ब्रेसवेल ने दो मैचों में 2/11 और 2/14 के आंकड़े के साथ वापसी की थी। उन्होंने दोनों ही मैचों में पूरे चार ओवर डालें थे। इसके अलावा पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाज, बाबर और रिजवान को ऑफ स्पिन गेंदबाज के खिलाफ काफी परेशानी होती हैं। ऑफ स्पिनर का सामने दोनों का स्ट्राइक रेट 110 का हो जाता हैं।