;
एडिटर चॉइस

3 मौके जब धोनी की धीमी पारियों के कारण टीम को झेलनी पड़ी करारी हार

एमएस धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान होने के साथ-साथ सिमित ओवर क्रिकेट में दुनिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज भी रहे हैं. धोनी ने अपने करियर के दौरान कई ऐसी यादगार पारियां खेली हैं जोकि उनके फैन्स के जहन में हमेशा बनी रहेगी. आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 में फाइनल के श्रीलंका के विरुद्ध नाबाद 91 रनों की पारी उनकी सबसे महत्वपूर्ण पारी हैं.

धोनी हमेशा के अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं लेकिन ऐसा भी कई बार देखने को मिला हैं जब उनकी धीमी पारी के कारण भारत को हार झेलनी पड़ी है. आज इस लेख में हम धोनी की 3 ऐसी धीमी पारियों के बारे में जानेगे, जो उनकी टीम की हार का कारण बनी.

1) ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 96 बॉल पर 51 रन (2019)


2019 में भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी, हालाँकि अच्छी बात ये थी कि इस सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के दो प्रमुख बल्लेबाज स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर टीम का हिस्सा नहीं थे. 3 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पीटर हैंड्सकोंब के 73 और उस्मान ख्वाजा के 59 रनों की मदद से 50 ओवरों में 288/5 का स्कोर बनाया था.

जवाब में, भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 133 रनों की यादगार पारी खेली लेकिन अन्य किसी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया. एक छोर पर धोनी धीमी बल्लेबाजी करते रहे लेकिन उनकी बल्लेबाजी धीमी हो गयी और अन्य बल्लेबाजों पर दवाब बन गया और भारत लक्ष्य से 34 रन पीछे रह गयी. धोनी ने इस मैच में 96 गेंदों पर 3 चौके और एक छक्के की मदद से सिर्फ 51 रन बनाये थे.

2) राजस्थान रॉयल्स के विरुद्ध 37 बॉल पर नाबाद 31 रन (2015)

IPL 2019, CSK vs RR: Chennai Super Kings' Predicted XI against ...


आईपीएल 2015 सीजन में खेले गए मुकाबले में अहमदाबाद के मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ड्वेन ब्रावो के सिर्फ 36 गेंदों पर नाबाद 62 रनों की मदद से 156/4 का स्कोर बनाया था. हालाँकि दूसरी तरह धोनी ने 35 गेंद खेलने के बाद 4 चौको की मदद से सिर्फ नाबाद 31 रनों की पारी खेली थी.

जवाब में राजस्थान रॉयल्स की ओर से अजिंक्य रहाणे ने नाबाद 76 और शेन वॉटसन ने 73 रनों की पारी खेलकर 18.2 ओवर में सिर्फ   2 विकेट खोकर मैच जीत लिया. धोनी अगर 35 गेंदों पर 50 रनों की पारी भी खेलते तो नतीजा शायद कुछ और हो सकता था.

3) श्रीलंका के विरुद्ध 100 गेदों पर 67 रन (2010)

;


2010 में श्रीलंका, न्यूजीलैंड और भारत के बीच खेली गयी त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में भारत और श्रीलंका की टीम ने जगह बनायीं थी. इस मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तिलकरत्ने दिलशान के 110 रनों की मदद से 50 ओवरों में 299/8 का स्कोर बनाया था.

जवाब में, 88/3 के स्कोर पर धोनी बल्लेबाजी करने आये और शुरुआत में बेहद धीमी बल्लेबाजी की जिसके कारण अन्य बल्लेबाजों पर दवाब बन गया और भारत की टीम देखते ही देखते 46.5 ओवरों में 225 रनों पर ढेर हो गयी. धोनी ने मैच में 100 गेंदों पर 5 चौके और एक छक्के की मदद से सिर्फ 67 रन बनाये थे.

;
;

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *