न्यूज़

स्मृति मंधाना ने किया खुलासा फाइनल में हार के बाद इस वजह से रो रहीं थी शेफाली वर्मा

भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के बीच रविवार को मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में आईसीसी टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप का फाइनल देखने को मिला. मैच से पहले दोनों ही टीम के बीच एक कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन मेजबान और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को एकतरफ़ा हराकर पांचवी बार खिताब अपने नाम किया.


मैच के बाद टीम इंडिया के कई खिलाडी बेहद भावुक दिखाई दी जबकि टीम के युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा फूट-फूटकर रोने लगी. क्रिकेट मैदान पर इस तरह खिलाड़ी को देखकर इंडियन फैन्स भी भावुक दिखाई दिए. हालाँकि अब टीम इंडिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने शेफाली के रोने की वजह बताई हैं.


मंधाना ने बताया कि जब हम पदक उपविजेता के हासिल कर रहे थे तब शेफाली और मैं एक साथ खड़े थे. उस समय वह रो रही थी. मैंने उसे समझाया कि उसे अपने प्रदर्शन पर गर्व करना चाहिए. जब मैं 16 वर्ष की उम्र में अपना पहला वर्ल्डकप खेली थी तो मैं उसकी अपेक्षा में गेंद 20 फीसदी भी हिट नहीं कर पाती थी. शेफाली ने ये भी कहा कि वह खुद के आउट होने के अंदाज़ से काफी उदास थी. वह अभी से ही सोच रही है कि वह कैसे खुद को और भी बेहतर कर सकती है. हमे उसे अकेला छोड़ देना चाहिए मैं उसे यही कह सकती हूँ.


मंधाना का कहना है कि क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया काफी बदल गई है और उन्होंने इसका श्रेय हेड कोच डब्ल्यूवी रमन को दिया. स्मृति ने कहा कि पहले हम टी-ट्वेंटी में इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं करते थे, एकदिवसीय में निश्चित रूप से थोड़ा अच्छा होता था. अब हम प्रत्येक फॉर्मेट में बराबर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. हमारे कोच ने हमारे सुधार में काफी मदद की है. मंधाना ने कहा कि टीम में युवा खिलाड़ियों के आने से काफी बदलाव हुआ और प्रतियोगिता की सबसे शानदार चीज ‘टीम प्रदर्शन’ रहा. रमन सर ने केवल 1 या 2 खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नहीं सुधारा बल्कि पूरी टीम का विकास किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *