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इन 5 प्लेयर्स ने बतौर गेंदबाज की थी करियर की शुरुआत बाद में बन गए महान बल्लेबाज

क्रिकेट को अनिश्चिताओं का खेल कहा जाता हैं, मैच के दौरान कब या हो जाये इसकी कल्पना करना बेहद मुश्किल हैं और आखिरी गेंद तक हार जीत की भविष्यवाणी करनी आसान नहीं होती हैं. लेकिन आज इस लेख में हम मैच नहीं बल्कि क्रिकेटरों के करियर की अनिश्चिताओं के बारे में बताएंगे. क्रिकेट में 5 ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने बतौर गेंदबाज करियर की शुरुआत की और बाद में एक सफल बल्लेबाज बने. देखे कौन है ये खिलाड़ी:-

1) स्टीव स्मिथ

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स्टीव स्मिथ के अपने करियर की शुरुआत बतौर लेग-स्पिनर की थी जोकि नंबर 7-8 पर बल्लेबाजी किया करता था. स्मिथ के करियर की शुरुआत में फैन्स उनकी तुलना शेन वॉर्न से किया करते थे लेकिन 2013 में इंग्लैंड के विरुद्ध खेली एशेज में उनका करियर में एक नया मोड़ आया उनकी अपरंपरागत बल्लेबाजी तकनीक ने विरोधी टीम को भ्रमित किया, जिसने ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए अद्भुत काम किया. 

स्मिथ ने अब तक अपने टेस्ट करियर के दौरान 73 मैचों में 62.84 की अद्भुत औसत और 26 शतकों की मदद से 7227 रन बनायें हैं जबकि वनडे में उन्होंने 42.96 की औसत और 86.89 की स्ट्राइक रेट से 4039 रन बनायें हैं.

2) कैमरोन वाइट

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स्टीव स्मिथ की ही तरह कैमरोन वाइट ने भी अपने अन्तराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बतौर लेग-स्पिनर की थी. ब्रैड हॉग के संन्यास के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च स्पिनर माना जा रहा था. वाइट ने भारत के विरुद्ध टेस्ट डेब्यू किया और सचिन तेंदुलकर कर रूप में अपनी विकेट ली लेकिन इसके बाद खराब फॉर्म के बाद उन्हें 2008 के बाद दोबारा टेस्ट टीम में नहीं चुना गया.

2009 में ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड दौरे पर वाइट ने खुद को नियमित बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया और साउथेम्प्टन में करियर का पहला वनडे शतक लगाया. माइकल क्लार्क के सन्यास के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया का टी-ट्वेंटी कप्तान भी बनाया गया था. हालाँकि खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. वाइट ने अपने करियर में 33.96 की बल्लेबाजी औसत से 2072 और 12 विकेट भी हासिल किये.

3) सनथ जयसूर्या

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सनथ जयसूर्या ने 1989 में बतौर स्पिनर वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. जोकि मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था. लेकिन 1993 में हीरो कप के दौरान जिम्बाब्वे के विरुद्ध श्रीलंका के कप्तान मर्वन अट्टापट्टू ने उन्हें बतौर ओपनर मौका दिया, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

जयसूर्या ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पॉवरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने का ट्रेंड शुरू किया. जिसके बाद कप्तान उन्हें बल्लेबाज के रूप में देखने लगे हालाँकि इस दौरान वह अपनी फिरकी गेंदों से भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहे. जयसूर्या ने अपने करियर के दौरान 445 वनडे मैचों में 32.36 की औसत और 91.2 की स्ट्राइक रेट से 13430 रन बनाने के साथ-साथ 323 विकेट भी लिये.

4) शोएब मलिक

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पकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक ने हाल में वनडे क्रिकेट से सन्यास का ऐलान किया. हालाँकि 20 वर्षों के लम्बे करियर के दौरान मलिक ने खुद को क्रिकेट के सबसे सफल मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया लेकिन मलिक ने अपने करियर की शुरुआत महज 17 वर्ष की उम्र में वेस्टइंडीज के विरुद्ध बतौर ऑफ-स्पिनर की थी.

सकलैन मुश्ताक के गेंदबाजी एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मलिक अपनी ‘दूसरा’ से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान करते थे लेकिन 2004 में उनकी गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्ट की गयी, इस दौरान टीम मैनेजमेंट ने उनकी बल्लेबाजी पर भरोसा करते हुए टीम में जगह दी और वह काफी सफल भी हुए. एक्शन में बदलाव के बाद वह गेंदबाजी से दूर होते गए जबकि बल्लेबाजी में नए मुकाम हासिल करते गये.

5) शाहिद अफरीदी

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शाहिद अफरीदी ने अपने करियर की शुरुआत सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में बतौर लेग-स्पिनर की थी. हालाँकि करियर के दूसरे ही वनडे में श्रीलंका के विरुद्ध सिर्फ 37 गेंदों पर शतक लगाने के बाद वह रातो-रात स्टार बन गए थे. अफरीदी हमेशा से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे.

अफरीदी को करियर की शुरुआत से ही ओपनिंग करने का मौका मिला लेकिन कुछ वर्षों बाद उन्हें निचले क्रम में भेजा जाने लगा. इस दौरान भी वह आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाकर टीम के काम आते रहे. अफरीदी ने अपने करियर के दौरान 117 की स्ट्राइक रेट से 8064 रन बनाने के साथ 395 विकेट भी हासिल किये.        
 

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