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31 साल में मिली सबसे शर्मनाक हार से भड़के कप्तान कोहली ने इन्हें ठहराया जिम्मेदार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए तीसरे मुकाबले में मेजबान कीवी टीम ने 5 विकेट की दमदार जीत के साथ सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर ली हैं. इससे पहले भारत ने टी-ट्वेंटी सीरीज में 5-0 से रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी.

मैच में टॉस हारने के बाद भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के 113 गेंदों पर 112 और श्रेयस अय्यर के 63 गेंदों पर 62 रनों की मदद से 50 ओवरों में 296/7 का स्कोर बनाया. न्यूजीलैंड की ओर से तेज गेंदबाज हामिश बेनेट ने 10 ओवरों में 64 रन देकर 4 विकेट हासिल की.


जवाब में, न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल(66), हेनरी निकलस(80) और कॉलिन ग्रैंडहोम(58*) के अर्द्धशतक की मदद से 47.1 ओवरों में सिर्फ 5 विकेट खोकर मैच आसानी से जीत दर्ज की. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहे युजवेंद्र चहल ने 10 ओवरों में सिर्फ 47 रन देकर सबसे अधिक 3 विकेट लिये.

1989 के बाद ये पहला मौका हैं जब टीम इंडिया को 3+ मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा हैं. वर्ष 1989 में वेस्टइंडीज ने भारत को 5-0 से हराया था जबकि 1983 में भी भारत को वेस्टइंडीज के विरुद्ध 5-0 की हार झेलनी पड़ी थी.

भारत के कप्तान विराट कोहली ने हार के लिए खराब फील्डिंग और गेंदबाजी को जिम्मेदार माना हैं. कोहली ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, “मैच उतने खराब नहीं थे जितना कि स्कोरलाइन बताती है. हालाँकि जिस तरह से हमने फील्डिंग और बॉलिंग की, वह कंपोजर गेम जीतने के लिए पर्याप्त नहीं था. हमारी फील्डिंग और गेंदबाजी इस श्रृंखला के जीतने के लायक नहीं थी. हमने इतने बुरी तरह से नहीं खेले, लेकिन हमने मौकों को अच्छे से नहीं भुनाया है. उन्होंने पूरी सीरीज में हमसे अच्छा प्रदर्शन किया जिसके कारण उन्होंने 3-0 से जीत हासिल की. हम टेस्ट सीरीज के लिए उत्साहित हैं. अब हमारे पास एक संतुलित टीम है और सही तरह की मानसिकता के साथ पार्क में कदम रखने की जरूरत है.”

आपको क्या लगता है 3-0 की बड़ी हार के पीछे क्या हैं कारण? कमेंट में अपनी राय जरुर दे.

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