यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद इन्फॉर्म बल्लेबाज़ अंबाती रायडू को इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया था. आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने रायडू को दो वर्षो बाद टीम में चुना था. हालाँकि य-यो टेस्ट में अनिवार्य 16.1 अंक हासिल न कर पाने की वजह से टीम इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया था. गौतम गंभीर का मानना है कि रायडू को टीम से ड्राप करने का फ़ैसला अनुचित था.

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अंबाती रायडू ने आईपीएल 11 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए 16 मैचो में 43 की औसत और 150 की अरीब की स्ट्राइक रेट से 602 रन बनायें थे. जिसके कारण उन्हें इंग्लैंड में खेली गई सिमित ओवर क्रिकेट सीरीज के चुना गया था. लेकिन अनिवार्य फ़िटनेस टेस्ट पास न कर पाने के वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया था.

गंभीर ने आजतक से बातचीत के दौरान रायडू को टीम से बाहर किया जाने के फ़ैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “प्रदर्शन से ज्यादा क्या महत्वपूर्ण हैं. मान लीजिए अगर कोई खिलाड़ी यो-यो टेस्ट में 15 का स्कोर कर रहा है, उसका स्कोर बढ़ाने और इसे 16.1 या तय मानक पर ले जाने की जिम्मेदारी ट्रेनर की है. अगर अब पूरी तरह फिट खिलाड़ियों को ही टीम में लिया जा रहा है, तो फिर ट्रेनर का टीम में क्या काम है.”

गंभीर का कहना है कि सिर्फ यो-यी टेस्ट पास न करने की वजह से रायडू को टीम से बाहर करने का फ़ैसला सही नहीं था. उसने कड़ी मेहनत करके और काफ़ी रन बनाकर टीम में जगह हासिल की थी.

Photo: Twitter

गंभीर ने कहा, “रायडू ने आईपीएल में बेहद शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन उन्हें सिर्फ यो-यो टेस्ट के कारण टीम से बाहर कर दिया गया. अगर उन्होंने 14.5 के करीब अंक हासिल किये थे तो टीम मैनेजमेंट को उन्हें के एक महीने का समय देना चहिये था. जिससे वह ट्रेनर के साथ काम करके फ़िटनेस में सुधार करके यो-यो टेस्ट पास कर लेता. अगर वह फिर भी बेंचमार्क अंक हासिल नहीं पता तो उसको ड्राप करना जायज था.”