पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी किसी पहचान के मोहताज़ नहीं हैं. धोनी ने अपने करियर के दौरान जो मुकाम हासिल किये है, जिसके करीब पहुंचना भी अन्य खिलाडियों के लिए सपने जैसा हैं. भारत सहित दुनियाभर के युवा क्रिकेटर धोनी को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं. इस सूचि में अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज़ मोहम्मद शहजाद भी शामिल हैं. शहजाद धोनी के बड़े प्रसंशक माने जाते हैं.

वर्ष 2012 में आईसीसी टी-ट्वेंटी विश्वकप के दौरान शहजाद धोनी की तरह का हेलीकॉप्टर शॉट खेलने के बाद सबसे पहले सुर्खियों में आए थे.

Mohammad Shahzad’s wins the award for ICC Associate/Affiliate Cricketer of the Year! Congratulations! http://cricket.af/news/view/367 #ICCAwards @pajhwok

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धोनी के बारे में बात करते हुए शहजाद ने बताया कि 2013 में श्रीलंका के विरुद्ध धोनी ने टीम इंडिया को शानदार जीत दिलाई थी. इस दौरान वह रमदान के मौके पर भी रातभर जागकर धोनी की बल्लेबाजी का आनंद ले रहे थे.

शहजाद ने बताया, “मैंने थोड़ी देर पानी पिया और खुद को जगाए रखने की कोशिश की. वह समय था जब भारतीय टीम वेस्टइंडीज की सरजमी पर श्रीलंका से खेल रही थी. धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे और भारतीय टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की जरुरत थी. वह रमजान का समय था. इफ्तार के लिए 3 से 4 मिनट का समय बाकि था और मेरे सामने मेरा खाना रखा था. कहा जाता है कि उस समय अल्लाह से जो भी मांगो वह दे देते हैं.”

इस मैच में भारत के 9 विकेट गिर चुके थे और नॉन स्ट्राइकर एंड पर ईशांत शर्मा खड़े थे. ऐसे में धोनी एक रन भी नहीं ले सकते थे. आखिरी ओवर की पहली गेंद धोनी ने डॉट खेली. जिसके बाद अगली 3 गेंदों पर धोनी ने छक्का, चौका और छक्का लगाकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी. शहजाद ने बताया इस मैच के दौरान उन्होंने धोनी की सफलता के लिए अल्लाह से दुआ की थी, जोकि कबूल भी हुई.

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शहजाद ने आगे बताया, “इस मैच से पहले धोनी अनफिट थे और कई मैच नहीं खेले थे हालाँकि वह श्रीलंका के विरुद्ध फाइनल खेलने उतरे थे. अंतिम ओवर में 15 रनों की दरकार थी. मैं अल्लाह से दुआ की थी कि इंडिया मैच जीत जाए और धोनी मैच के हीरो बने. टीम के मैच जितने के कुछ देर के बाद मैंने भोजन किया. इसलिए मैं अपनी नींद भी थोड़ी देर के लिए टाल सकता हूँ.”