मैदान पर रैना ने किया कुछ ऐसा हर कोई हो गया इस दिग्गज का फैन

27 मई यानि रविवार को आईपीएल 2018 का फाइनल मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम ने सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया था।इस मैच को चेन्नई सुपर किंग्स ने खूबसूरती से जीत कर तीसरी बार यह खिताब अपने नाम कर लिया है।

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चेन्नई सुपर किंग्स पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने एक ही सीज़न मैँ किसी टीम को 4 बार हराया हो।एम एस धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था।पहले बल्लेबाजी करने आई सनराइजर्स हैदराबाद की टीम की शुरुआत काफी खराब हुई।

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हालांकि फिर कप्तान केन विलियमसन ने पारी को आगे बढ़ाया और टीम को एक प्लेटफोर्म पर खड़ा किया।शिखर धवन ने 26, केन विलियमसन ने 47 शाकिब अल हसन ने 23 यूसूफ पठान ने 45 और कार्लोस ब्रैथवेट ने 21 रन की पारी खेलकर सनराइजर्स हैदराबाद को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

सनराइजर्स हैदराबाद ने निर्धारित 20 ओवर मे 6 विकेट के नुकसान पर 178 रन बनाए।इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स को सनराइजर्स हैदराबाद के स्विंग गेंदबाजो ने तंग किया हुआ था।पहले कुछ ओवरो मे तो सनराइजर्स हैदराबाद का दब दबा था।

लेकिन जैसे ही शेन वॉटसन ने प्रहार करना शुरु किया तब सनराइजर्स हैदराबाद थोड़ी सी बैकफुट पर हो गई।इसके बाद शेन वॉटसन ने किसी भी गेंदबाज को नहीं छोड़ा और सभी को लगातार प्रहार कर अपना निशाना बनाया।

शेन वॉटसन ऐसे क्रिकेटिंग शॉटस का नजारा दिखाया है जिन्हे आप सबका मन बार बार देखने को करेगा।शेन वॉटसन ने 57 गेंदो का सामना करते हुए 11 छक्को की मदद से 117र रन बनाए।117 रन की बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स तीसरी बार आईपीएल खिताब जीतने मे कामयाब रही है।चेन्नई सुपर किग्स ने 18.3 ओवर मे यह खिताब 8 विकेट से हासिल कर लिया है।

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टूर्नामेंट की शुरुआत मे कहा जा रहा था कि चेन्नई सुपर किंग्स टीम के खिलाड़ियों की औसतन आयु लगभग 34 के आसपास है।लेकिन यह आईपीएल खिताब जीत कर चेन्नई सुपर किंग्स ने सभी के मुँह पर ताला लगा दिया है।

चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी के दौरान 14वे ओवर मे कार्लोस ब्रैथवेट गेंदबाजी डाल रहे थे।इस दौरान कार्लोस ब्रैथवेट ने बाउंसर डाली और रैना ने शफल होकर लंबा हिट मारने की कोशिश की।लेकिन यह गेंद ग्लबस को लगकर सीधा गोस्वामी के हाथो मे चले गई।

जिसे देख सभी खिलाड़ी अपील करने लग गए।लेकिन अंपायर ने इन्हे आउट नही दिया था और थर्ड अंपायर की ओर जाने का फैसला किया।लेकिन यह जब तक थर्ड अंपायर के पास जाते तब तब रैना ने खुद ही मैदान छोड़ने का फैसला कर लिया और सभी के लिए एक मिसाल छोड़ी है।