इंदौर के होल्कर स्टेडियम मे आज आईपीएल का 48वा मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेला जा चुका है।यह मैच दोनो ही टीमो के लिए बहुत महत्तवपूर्ण था।दोनो ही टीमे इस मैच मे जीतना चाहती थी।लेकिन शुरु से ही आरसीबी किंग्स इलेवन पंजाब पर हावी रही और मैच भी आसानी से जीत लिया।

आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया।किंग्स इलेवन पंजाब की बल्लेबाजी के बाद यह फैसला बहुत सही साबित हुआ है।पहले बल्लेबाजी करते हुए किंग्स इलेवन पंजाब की टीम की शुरुआत ठीक ठीक हुई।

पहली विकेट के लिए के एल राहुल और क्रिस गेल ने 36 रन की साझेदारी की और इसके बाद जो हुआ उसे किंग्स इलेवन पंजाब भूलना चाहेगा।के एल राहुल की विकेट के बाद किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ताश के पत्तो की तरह बिखर गई।

किंग्स इलेवन पंजाब की बल्लेबाजी का यह मंजर देख यकीनन सभी प्रशंसक और मालकिन प्रिटी ज़िंटा नाखुश होगी।सिर्फ तीन बल्लेबाजो का स्कोर ही डबल फिगर मे पहुँचा।के एल राहुल 21, क्रिस गेल 18 और एरोन फिंच 26 की पारी खेली।इनके अलावा अन्य बल्लेबाजो ने कुछ योगदान नही दिया और सभी को निराश किया।15वे ओवर मे ही किंग्स इलेवन पंजाब 88 रन पर ऑल आउट हो गई थी।

जहा एक ओर किंग्स इलेवन पंजाब की खराब बल्लेबाजी देखने को मिली है तो वही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की शानदार गेंदबाजी देखने को मिली है।खासकर उमेश यादव ने जिन्होने अपनी तेज थरार स्विंग से शुरुआत मे ही दिक्कते पैदा कर दी।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर डगआउट से प्लैन करके आई थी कि इन्होने मैदान पर पहुँचते ही किंग्स इलेवन पंजाब के गेंदबाजो के साथ खिलवाड़ करना है।सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल और विराट कोहली ने आते ही गेंदबाजो पर आक्रमण करना शुरु कर दिया था।

महज 8.1 ओवर मे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने असानी से लक्ष्य को 10 विकेट हाथ मे रहते जीत लिया।पार्थिव पटेल ने 22 गेंदो का सामना करते हुए नाबाद 40 रन बनाए तो वही कप्तान कोहली ने 28 गेंदो का सामना करते हुए नाबाद 48 रन बनाकर मैच खत्म किया।

किंग्स इलेवन पंजाब की हार गलत खिलाड़ियों के चुनाव से जुड़ी है।किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने लगातार फेल हो रहे मयंक अग्रवाल को खिलाना मुनासिफ समझा जबकि बैंच पर युवराज सिंह जैसा अनुभवी दिग्गज खिलाड़ी मौजूद था।मयंक अग्रवाल को बार बार मौके दिए जा रहे है तो युवराज सिंह को बार बार मौके क्यों नही दिए जा सकते।