चहल के पिता ने किया खुलासा आखिर क्यों फील्डिंग के समय चहल लगाते है चश्मा.

जैसा कि हम सब जानते है कि भारत की चयन समिति , भारत के कप्तान , कोच और अन्य समितिया विश्व कप 2019 को नज़र मे रखते हुए युवा खिलाड़ियों को मौका दे रही है । युवा खिलाड़ियों को मौका देने का मतलब है कि उनके खेल मे ओर सुधार लाना जिसकी भारत को बहुत जरुरत है ।

युजवेंद्र चहल की बात करे तो वह भी अपनी युवा उम्र मे बहुत ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे है , इन्होने भी अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया है जिसकी बदौलत सब इनकी वाह वाह कर रहे है । जितना कुलदीप यादव का हाथ रहा है , उतना ही इनका हाथ रहा है , इन्होंने हर मैच मे विपक्षी खेमे के मुख्य बल्लेबाजो को आउट करके अपनी प्रतिभा को बता दिया है । यह भी आने वाले समय के बेहतरीन गेंदबाजो मे से एक बनेगे , दिन पर दिन यह अहम गेंदबाज बनते जा रहे है ।

हाल ही मे हुई दक्षिण अफ्रीका श्रृंखला में भारतीय रिस्ट स्पिनरो ने शानदार गेंदबाजी करवाई थी। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के नाम से तो दक्षिण अफ्रीकन बल्लेबाजो की तो कंपकपी छुट गई थी।इन दोनो रिस्ट स्पिनरो ने 6 वनडे मैचो मे कुल मिलाकर 33 विकेट झटके थें।

वही 3 टी-20 मैचो के दौरान युजवेंद्र चहल चश्मा पहने दिखाई दिए थे।कुछ लोगो का मानना है कि युजवेंद्र चहल आँखों मे हुई समस्या के कारण चश्मा पहनते है।दरअसल बात यह है कि इन्होने फिल्डींग करते हुए चश्मे जो पहने है वह फैशन वाले चश्मे है ना कि आँख की समस्या से जुड़े चश्मे।

चहल  के पिता के के चहल ने मिड डे से बात करते हुए कहा है कि इनके बेटे ने चश्मा इसलिए पहना है क्योँकि वह सावधानी बरतना चाहते है।चहल के पिता ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाने से पहले, युजवेंद्र को कभी-कभी चश्मा पहनने के लिए एक आई एक्सपर्ट ने सलाह दी थी। हालांकि वह गेंदबाजी या बल्लेबाजी के दौरान उन्हें नहीं पहनता है, वह क्षेत्ररक्षण करते समय चश्मा पहनता है।

युजवेंद्र चहल के पिता ने बताया कि जब इनका बेटा आयकर निरीक्षक की नौकरी कर रहा था, तब इन्हे चश्मा लगाने की सलाह दी गई थी।आगे बढ़ते हुए इनके पिता ने कहा कि युजवेंद्र चहल की दॄष्टि कमजोर्तो नही है,लेकिन इन्हे चश्मा उपयोग करने के लिए कहा गया था।इन्होने आयकर निरीक्षक की नौकरी से पहले मेडीकल परीक्षण दिया था जो अनिवार्य था।