बांगलादेश के खिलाफ 2 महत्तवपूर्ण विकेट प्राप्त कर विजय शंकर ने यह साबित कर दिया कि यह गेंदबाज ऑलराउंडर है।हालांकि अभी तक इन्हे बल्लेबाजी मे मौका नही मिला है लेकिन उम्मीद है कि यह बल्लेबाजी मे भी अच्छा प्रदर्शन करेगे।

मुशफिकुर रहीम को आउट कर शंकर ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मे अपना खाता खोला।इन्होने अपने 4 ओवरो मे 32 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।मैंन ऑफ द मैच का खिताब हासिल कर इन्होने कहा कि इस पल का काफी समय से इंतजार कर रहा था। इसके लिए बहुत मेहनत की थी इसलिए काफी खुश हूं। गेंदबाजी से मेरे खेल में कुछ अतिरिक्त जुड़ा है। हमें आज विकेट मिले, जिस वजह से हम उन्हें रोक पाए।

आप सभी की जानकारी के लिए बता दे कि श्रीलंका के खिलाफ भी इन्हे 15 सदस्य भारतीय टीम मे जगह मिली थी।परंतु इस श्रृंखला मे इन्हे अपना पहला मैच खेलने को नही मिला था।निदहास ट्रॉफी मे हार्दिक पंड्या की जगह विजय शंकर को टीम मे लिया गया है और यह उम्मीद पर खरे उतरे है।

विजय शंकर ने अपनी इस सफलता के लिए अपने माता पिता को शुक्रिया अदा किया है।इन्होने आगे कहा कि कई लोगों ने मुझे प्रेरित किया है। इस टीम के साथ खेलना हर क्रिकेटर के लिए सपने जैसा है। ड्रेसिंग रूम में सभी लोग मदद करने वाले हैं।

हार्दिक पंड्या से तुलना किए जाने पर विजय शंकर ने कहा कि “ किसी क्रिकेटर के साथ तुलना किए जाने पर इनको कोई दबाव महसूस नहीं होता है सामान्य तौर पर इन्हे पर तुलना करना पसंद नहीं है।

“मेरे लिए क्या महत्वपूर्ण है कि मैं हर दिन क्या करता हूं। दबाव और … हार्दिक पंड्या के साथ तुलना करते हुए मुझे लगता है कि ज्यादातर क्रिकेटरों को तुलना करना पसंद नहीं है और सबसे अहम बात यह है कि हम खुद को दिखाए कि हम क्या है , नाकि दबाव महसूस करे।

तमिलनाडु के 27 वर्षीय विजय शंकर चयनकर्ताओं की प्रमुख पसंद थी, जब इन्होंने हार्दिक पंड्या को आराम करने का फैसला किया। इनके ऑल राउंड प्रदर्शन की वजह से इन्हे आज भारतीय टीम मे जगह दी गई है।घरेलू क्रिकेट मे यह उन 6 खिलाड़ियों मे से है जिन्होने 1500 रन के साथ साथ 25 विकेट भी हासिल की है ।विजय शंकर भारत के लिए नए ऑल राउंडर है , परंतु इनके लिए आगे का रस्ता ओर भी कठिन है।