लगभग 2 साल बाद भारत की वनडे टीम में वापसी करेगा ये दिग्गज खिलाड़ी, खुद किया ऐलान

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सुरेश रैना बहुत ही सकारात्मक इरादों के साथ भारतीय टीम में वापस लौटे हैं। इन्होंने जोहान्सबर्ग में खेले गए पहले टी-20 मैच में गेंद को अच्छी तरह से टाइम किया था। सेंचुरियन में, रोहित शर्मा के जल्दी आउट हो जाने के बाद सुरेश रैना ने एक सुंदर सी छोटी सी भूमिका निभाई थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतिम टी-20 में एक बार फिर जूनियर डाला ने रोहित शर्मा को सस्ते में आउट किया था।

सुरेश रैना ने शानदार तरीके से 27 गेंदो पर 43 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली थी । सीमित ओवर क्रिकेट के दिग्गज होने के कारण, रैना ने इस गेम के लिए भी ज़िम्मेदारी ली थी। कमर की चोट के कारण विराट कोहली इस मैच मे नही खेल पाए थे और भारतीय कप्तान विराट कोहली की हाल की फॉर्म को देखकर,यह भारतीय टीम के लिए एक बड़ा गंभीर झटका था।

कोहली के स्थान पर कप्तान संभाल रहे रोहित शर्मा ने बल्ले के साथ एक बार फिर सबको निराश किया और सीरीज़ को बहुत ही साधारण तरीके से समाप्त किया। रोहित शर्मा फाइनल टी -20 में सिर्फ 11 रन ही बना सके। जबकि शिखर धवन ने अपना पूरा समय लिया और गेंदबाजो के सामने संघर्ष करते दिखाई दिए। धवन के संघर्ष की वजह से पहले 6 ओवरों के लिए रैना के ऊपर आक्रमक बल्लेबाजी की जिम्मेदारी आ गई थी ।

जेपी डुमिनी ने टॉस जीत कर पहले भारतीय टीम को बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। भारतीय टीम के पास एक अच्छा मौका था कि मेजबान टीम के अडवांटेज को व्यर्थ जाने दे।। रोहित की विकेट गिरने के बावजूद भारतीय टीम ने पावरप्ले के 6 ओवरो में 57 रन बनाए। एक पिच जिसमे उछाल और थोड़ी सी हरकत थी, इसमे रैना ने अपने अच्छी तरह पैर जमाए थे।

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी के दौरान रैना ने ऑफ स्पिन गेंदबाजी करवाते हुए डेविड मिलर का शानदार विकेट लिया था।मैच के अंत मे इन्हे मैंन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया था।

रैना ने कहा है कि “वापसी का यह समय मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण था। यहां से हम श्रीलंका में त्रिकोणीय सीरीज और इसके बाद आईपीएल खेलेंगे। हमें आगे कई मैच खेलने हैं और मैं इससे पहले भी विश्व कप का हिस्सा रहा हूं और 2011 में मैंने टीम के साथ विश्व कप भी जीता है। मेरे लिए वो एहसास अविश्वसनीय था।” 

वनडे की बात करते हुए सुरेश रैना ने कहा कि “मैंने वनडे में पांचवें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए अच्छा खेला हूँ। मुझे लगता है कि मैं इससे वनडे टीम में वापसी की अपनी क्षमता दर्शा सकता हूं।पिछले दो साल में मैंने काफी कड़ी मेहनत की है।

मैं हर सत्र जिम में या मैदान पर अभ्यास करते हुए बिताता था। मैं बस भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरने का इंतजार करता रहता था। अब जब टीम सीरीज जीती है, तो सबकुछ अच्छा लग रहा है।”