धोनी नहीं बल्कि इन 2 दिग्गज खिलाड़ियों को दिया ‘रैना’ ने टीम में वापसी का श्रेय

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भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांचवा वनडे जीतकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है ।भारत ने आसानी से 73 रन से यह जीत दर्ज कर ली है ।भारत की इस जीत से सारा भारत और भारतीय टीम के प्रशंसक बेहद खुश है ।

हम सब जानते है कि अब एकदिवसीय श्रृंखला लगभग अंतिम चरण मे है, तो जाहिर सी बात है इसके बाद भारतीय टीम टी-20 की तैयारी मे जुट जाएगे।इस टी-20 मेँ सुरेश रैना का करीब एक साल बाद भारतीय टीम मे चयन हुआ है।

सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट टीम क़े बहुत ही महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी रहे है , परंतु बहुत ही तंग प्रतियोगिता होने क़े कारन सुरेश रैना अपनी भारतीय क्रिकेट टीम मे जगह बनाने मे अस्मर्थ रहे थे । यह कहा जा रहा है कि सुरेश रैना टीम मे अपनी जगह बनाने के लिये प्रब्ब्ल दावेदार माने जा रहे है । सुरेश रैना भारतीय प्रिमियर लीग मे गुजरात लाय्नस के कप्तान थे और इन्होने इस चरण मे भी अपना अचछा प्रदर्शन किया था ।

हाल ही मे चल रही सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट मे भी सुरेश रैना ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है , एक शतक के साथ साथ इन्होने 2 अर्धशतक भी लगाए थे।इनकी यह फोर्म देखकर सुरेश रैना को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 श्रंखला के लिए चुन लिया गया है।

इसी बीच दैनिक जागरण से बात करते हुए सुरेश रैना से जब पूछा गया कि आप भारतीय टीम में लगभग एक साल बाद वापसी कर रहे है तो यह आपके लिए यह वापसी कितनी महत्वपूर्ण है ?

रैना ने जवाब दिया कि  वास्तव में यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने इस एक साल में रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और साथ ही बैंगलोर में एनसीए में बहुत मेहनत की है। मेरा यही फोकस रहा है कि मैं मेहनत करूँ और भारतीय टीम में वापसी पाऊँ। इस प्रकार यह मेरी कड़ी मेहनत का ही फल है।

इसके बाद जब पत्रकार अभिषेक त्रिपाठी ने रैना से कहा कि क्या यह आपके लिए अंतिम मौका है?”

मैं अभी 31 साल का हूँ और ऐसी उम्र में टीम में वापसी करना बहुत कठिन होता है। हर खिलाड़ी के जीवन में बहुत कठिनाइयाँ आती है। इस प्रकार मेरा जिस तरह से कमबैक हुआ है मेरे लिए यह एक नये कैरियर की शुरुआत है

क्या आपको बीसीसीआई या कप्तान और चयनकर्ताओं ने कोई संकेत दिया था क्या ?

हाँ, पिछले एक साल से मैं भारतीय टीम से बाहर हूँ और लगातार मुझे कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली तथा बीसीसीआई के अधिकारियों के सम्पर्क में रहा हूँ और मुझे पूरा सपोर्ट मिला है और अब मेहनत के बाद मुझे वापसी का मौका मिला है।

जब इनसे धोनी और कोहली की कप्तानी मे अंतर पूछा तो इन्होने बताया कि एमएस धोनी एक शांत और विकेट कीपर कप्तान थें।यह विकेट के पीछे रहते थे इसलिए इन्हे गेम की हर बारिकी का पता होता है । कोहली की बात करे तो वह काफी आक्रामक कप्तान है।

यो यो टेस्ट की बात करे तो इन्होने कहा कि  “मैं इसमें फ़ैल नहीं हुआ था बल्कि मुझे समय बहुत कम मिला और मुझे समय पर नहीं बुलाया गया था। लेकिन जब मैं दुबारा गया तो पूरी तैयारी के साथ गया और मैं इसमें पास पहुँच गया। इसमें यह पता चलता है कि आखिर आपकी फिटनेस कितनी जरुरी होती है”। इस प्रकार सुरेश रैना लगभग एक साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले है।