केकेआर के ना रीटेन किए जाने पर ‘गुस्सैल’ गंभीर ने दिया बड़ा बयान.

भारत ने 2011 का विश्व कप जीता था , जिसमे भारत का फाइनल मुकाबला श्रीलंका से हुआ था , इस मैच मे भारत को एक सम्मानजनक स्कोर का पीछा करना था । स्कोर का पीछा करते हुए भारत के दो प्रमुख शुरुआती बल्लेबाज जल्द ही आउट हो गए थे , जिसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली ने स्कोर को आगे बढ़ाया ओर साझेदारी की । पर यह साझेदारी ज्यादा लंबी नही रही ओर विराट कोहली ने अपनी विकेट गँवा दी जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी क्रिज़ पर आए और गौतम गंभीर के साथ धोनी ने लंबी साझेदारी की ।

हालाँकि गौतम गंभीर अपना शतक बनाने से चूक गए थे , पर इन्होने अपनी इस महत्तवपूर्ण पारी से भारत को जीत के पास लाकर खड़ा कर दिया था और बाद का काम युवराज सिंह और धोनी ने मिलकर किया और विश्व कप जीत लिया । गौतम गंभीर बेहद प्रभावशाली बल्लेबाज है , इनकी सराहना सारा विश्व करता है और इन्होने वीरेंद्र सहवाग के साथ कई महत्त्वपूर्ण साझेदारी की है ।

गौतम गंभीर ने आईपीएल खेलते हुए भी कई साल से शानदार प्रदर्शन किया है , इन्हे सौरव गांगुली के बाद कोलकत्ता नाइट राइडर्स का कप्तान बनाया गया था।गौतम गंभीर की कप्तानी मे कोलकत्ता नाइट राइडर्स ने दो बार खिताब जीता है ।दूसरी ओर रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी को उनकी टीम ने रिटेन करना का फैसला कर लिया है।

गौतम गंभीर ने कोलकत्ता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए 3035 रन बनाए है और 2012 व 2014 मे अपनी टीम के लिए खिताब भी जीते है । गौतम गंभीर को टीम मे रिटेन नही किए जाने पर सभी प्रशंसकों ने अपना रोष प्रकट किया है ।

अब 27 और 28 जनवरी को आईपीएल 11 के लिए नीलामी होगी , जिसमे गौतम गंभीर का नाम भी शामिल होगा ।बैंगलूरू मे होने वाली नीलामी से पहले इन्होने कहा है कि ‘‘2011 में, मुझे याद है कि यह जनवरी का महीना था और तब मेरी चिंता बस यही थी कि मुझे उस साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिये चुना जाएगा या नहीं। यह नीलामी के दिन ही थे, मुझे बहुत चिंता हो रही थी। अब सात साल बाद मेरा जीवन और क्रिकेट के प्रति रवैया काफी व्यापक हो गया है।’

इसके बाद गंभीर ने कहा कि ‘‘मैं अपने करियर के उस दौर में हूं जहां मैं सीनियर खिलाड़ी होना चाहता हूं, युवा क्रिकेटरों का मेंटोर बनना चाहता हूं। भले ही ये केकेआर के लिये हो या फिर सनराइजर्स, दिल्ली और मुंबई के लिये, मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है।’’

गंभीर की कप्तानी मे कोलकत्ता नाइट राइडर्स ने आईपीएल जीता था तो अगर वह इस बार इस टीम का हिस्सा नही होते तो इनके लिए यह काफी मुश्किल होता है ।इस बात पर चर्चा करते हुए गंभीर ने कहा कि ‘‘हां, यह काफी मुश्किल होगा क्योंकि केकेआर ने बतौर बल्लेबाज, नेतृत्वकर्ता और व्यक्ति के तौर पर मुझे व्यक्त करने का मंच प्रदान किया था। लेकिन अंत में मैं केकेआर के फैसले का सम्मान करता हूं, उनके इस कदम के पीछे कुछ मजबूत कारण है जो उन्होंने मुझे बताए है और मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है”।

‘‘मेरे दिल में इनके लिये कोई द्वेष नहीं है, शायद मेरे लिये कोई नयी चुनौती इंतजार कर रही है। मुझे इन चुनौतियों को स्वीकार करने में खुशी होगी। देखते हैं क्या होता है”।