हार की बौखलाहट में ये क्या कर गए ‘विराट कोहली’, विश्व भर में हुए बदनामी…

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट मैच भारत की शर्मनाक हार के साथ खत्म हो चुका है , यह हार बेहद ही शर्मनाक थी । पहले टेस्ट मैच हारने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत पल्टवार करेगा , परंतु ऐस बिल्कुल नही हुआ ।ऐसा लग रहा था मानो भारत अपने बेसिक गेम को ही भूल गया है, खासतौर पर बल्लेबाज।

इस साल की शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाज तो अपनी लय मे दिख रहे है परंतु भारतीय बल्लेबाज बेहद ही खराब फॉर्म से जूझ रहे है । ऐसा लग रहा है कि यह प्रोफेशनल क्रिकेटर नही , कोई युवा क्रिकेटर खेल रहे हो।भारतीय बल्लेबाज साउथ अफ्रीकन पिच पर ऐसे जूझ रहे है जैसे कि वह पहली बार बल्लेबाजी कर रहे हो ।

हम सब जानते है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी मे आक्रामक तो है ही, साथ मे यह मैदान पर भी काफी आक्रामक रहते है ।इनकी आक्रामकता दर्शको को तो लुभाती है परंतु विपक्षी टीम को उकसाती है ।विराट कोहली बहुत ही उच्च श्रेणी के बल्लेबाज है, इन्होने पहली पारी मे शतक जड़ कर यह साबित कर दिया है ।

मैच हारने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली और पत्रकार आपस मे भीड़ गए पत्रकार ने हर मैच मे बदलाव लेकर बात पूछी तो इन्होने कहा कि हम 30 में से कितने टेस्ट मैच जीते हैं? हमने कितने मैच जीते हैं? हमने कितने मैच जीते हैं? 21 जीते हैं (असल में 20)। दो (असल में पांच) हारे हैं। कितने ड्रॉ रहे? क्या यह मायने रखता है? हम जहां भी खेलते हैं वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। मैं यहां आपके सवालों का जवाब देने के लिए आया हूं आपसे बहस करने के लिये नहीं आया हूं”। 

मैच हारने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि “हम अच्छी भागीदारी करने और बढ़त बनाने में नाकाम रहे। हम हार के लिये खुद जिम्मेदार हैं। गेंदबाजों ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभायी लेकिन बल्लेबाजों के कारण टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। हमने कोशिश की लेकिन हम नाकाम रहे खासकर फील्डिंग में’’।

‘‘हमें लगा कि विकेट सपाट है,ये हमारे लिये हैरानी भरा था। मैंने साथियों से कहा कि टॉस से पहले विकेट जैसा दिख रहा था वो उससे अलग है। खासकर पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका के विकेट गंवाने के बाद हमें उसका फायदा उठाना चाहिए था।’’

इन्होंने आगे बढ़ते हुए कहा, ‘‘मेरे लिये 150 ये अधिक रन कोई मायने नहीं रखते जबकि हम सीरीज़ गंवा चुके हैं। अगर हम जीत जाते तो 30 रन भी काफी मायने रखते। एक टीम के तौर पर आपको टीम के रूप में जीत हासिल करनी होती है। ’’

इसके बाद कोहली ने कहा कि हमें खुद भी यह विश्वास करना होगा कि हम सर्वश्रेष्ठ हैं। यहां तक कि जब हम यहां आए थे तब अगर आपको यह विश्वास नहीं होता कि आप यहां सीरीज जीत सकते हो तो फिर यहां आने का कोई मतलब नहीं था। हम यहां केवल भाग लेने के लिये नहीं आये हैं। और अगर आपके सवाल का जवाब दूं तो दक्षिण अफ्रीका ने कितनी बार भारत में अच्छा प्रदर्शन किया है?” 

आइए देखते है वीडियो :