भारत को जल्द ही मिलने वाला है एक घातक गेंदबाज़, गोली से भी तेज़ रफ़्तार से फेकता है गेंद.

रविवार को न्यूजीलैंड मे खेले गए विश्व कप अंडर 19 मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने आसानी से ऑस्ट्रेलिया को परास्त कर दिया था। इस मैच मे भी भारतीय कप्तान पृथ्वी शॉ ने शानदार बल्लेबाजी की और भारत को एक अच्छी स्थिति मे पहुँचाया ।हालाँकि पृथ्वी शॉ अपने शतक से चूक गए थे क्योँकि पृथ्वी शॉ 94 रन पर ही आउट हो गए थे।

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार बल्लेबाजी की थी , इनकी शुरुआत इतनी बेहतर थी की भारतीय सलामी जोड़ी ने 180 रन की साझेदारी की। पृथ्वी शॉ ने मनजोत कालरा के साथ साझेदारी करते हुए शानदार टेकनिक का नजारा दिखाया। भारतीय टीम ने कुल 50 ओवर मे कुल मिलाकर 328 रन बनाए थे।

इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 42.5 ओवर मे ही 228 रन बनाकर ऑल आउट हो गई थी ।जिसके फलस्वरुप भारतीय टीम ने 100 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर ली थी ।

भारतीय टीम ने बल्लेबाजी से तो बेहतर प्रदर्शन किया ही इसके साथ साथ भारतीय तेज गेंदबाजो ने भी आग लगाकर रखी ।भारतीय गेंदबाजो को खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई बलेबाजो को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा था। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजो को रोकने मे सक्षम रहे ।

गेंद के साथ सबसे बड़े हीरो रहे 18 साल के कमलेश नगरकोटी , इन्होने अपनी घातक गेंदबाजी और तेजी के साथ ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाजो को पैवेलियन भेजा।इनके अलावा तेज गेंदबाज शिवम मावी ने भी शानदार 3 विकेट ली ।

कमलेश नगरकोटी का जन्म राजस्थान के बाड़मेर मे हुआ था, इस तेज गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी करवाते हुए ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजो की तो धजिया उड़ा दी थी ।

कमलेश ने अपने 7 ओवर कराते हुए 3 विकेट ली थी, जिसकी वजह से भारतीय टीम मैच मे बनी रही ।यह युवा अपनी गति के लिए और लाइन लेंथ की वजह से ज्यादा चर्चा मे रहा है ।रविवार को खेले गए मुकाबले मे इनकी सबसे तेज गति वाली गेंद 147 KMPH की थी । जो वाक्य मे बहुत ही शानदार गति है , ऑस्ट्रेलिया टीम के मिशेल स्टार्क भी इसी गति से गेंदबाजी करते है ।

अगर हम अपना प्वॉइंट ऑफ व्यू रखे तो जो अंडर 19 टीम भारत की है वैसे ही टीम एक समय पर ऑस्ट्रेलिया की हुआ करती थी । बल्लेबाजी मे सक्षम और गेंदबाजी मे भी सक्षम । एक से एक तेज गेंदबाज , हैरानी की बात तो यह है इस मैच मे सबसे तेज गेंद करवाने के मामले मे पहले दो गेंदबाज भारतीय गेंदबाज है और तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज जिनकी गति 140 के आस पास थी ।

भारतीय गेंदबाजो की यह गति देखकर सभी हैरान हुए और हम सब जानते है कि इस समय भारतीय टीम मे इतनी गति से गेंदबाजी करवाने वाला कोई गेंदबाज नही है बुमराह और उमेश यादव के अलावा।इन भारतीय गेंदबाजो का यह आत्म्विश्वास इन्हे भारतीय टीम मे शामिल होने के लिए काम आएगा।