इस पूर्व बल्लेबाज से कांपते थे गेंदबाज और अब यह खुद ही ले रहा है बैसाखियो का सहारा…

क्रिकेट जगत मे हमने कई रिकॉर्ड बनते देखे है और कई रिकॉर्ड टूटते देखे है । आज के दौर मे क्रिकेट सबके लिए एक मनोरंजन बन गया हैं।हर देश मे क्रिकेट का ही बोल बाला है । चाहे बच्चा हो या बूढ़ा हर कोई क्रिकेट खेलना और देखना दोनो ही पसंद करता है । क्रिकेट मे हमने कई करिश्माई चीज़े देखी है , जैसे कि सुपर मैंन कैच, इत्यादि।

आखिर क्रिकेट अनिश्चिकताओ का खेल है , इस खेल मे कुछ भी संभव है । नामुमकिन चीज़ भी इस खेल मे हो सकती है । युवराज सिंह के 6 छक्के ही ले लो , ऐसा करना बहुत मुश्किल है परंतु युवराज सिंह ने यह चमत्कार करके सबको दिखाया है ।

दिसंबर 2017 मे भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट , वनडे और टी-20 की श्रंखला हुई थी , जिसमे भारत ने अपना लोहा मनवाया था।भारत नए तीनो फोर्मेट मे श्रंखला जीत कर साल का अंत बेहद शानदार तरीके से किया ।

इसी बीच खबर मिली है कि श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज , जिनकी बल्लेबाजी से अच्छे अच्छे गेंदबाजो के पसीने छूट जाते थे।हम बात कर रहे है सनथ जयसूर्या की जिनके क्रीज पर आते ही अच्छे अच्छे गेंदबाजो की लाइन लेंथ बिगड़ जाती थी ।

खबरो के मुताबिक पता चला है कि अब सनथ जयसूर्या बिना सहारे के एक कदम नही चल सकते , जयसूर्या बैसाखियो के दम पर चलते है ।बाए हाथ का यह बल्लेबाज आज अपने घुटनो की समस्या से जूझ रहा है ।मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जयसूर्या के घुटनो का ऑपरेशन जल्द ही होगा।

सन्यास लेने के बाद भी यह क्रिकेट के अभिन्न अंग थे, जयसूर्या दो बार चयन समिति के चेयरमैन बन चुके है ।जयसूर्या का यह सफर बहुत ही विवादो से घिरा हुआ था , जिस वजह से समिति मे कई बदलाव किए गए और कई रणनीतिया बदली गई ।

सीलोन टुडे की खबर के मुताबिक सनथ जयसूर्या अब बिना बैसाखी के नही चल पाते है और घुटनो का ऑपरेशन होना है ।जयसूर्या जनवरी के पहले हफ्ते मे ऑस्ट्रेलिया जा सकते है जहां इनका मेलबोर्न मे घुटनो का ऑपरेशन होगा ।इस पूरी प्रक्रिया मे एक महीने का समय लग सकता है ।

48 वर्ष के जयसूर्या ने 2011 मे सन्यास लिया था, इससे पहले यह श्रीलंकाई टीम के अहम हिस्सा थे।इन्होने ही असली मायने मे क्रिकेट मे आक्रामकता का ब्योरा दिया था।इन्होने 40 की औसत से 110 टेस्ट मैचो मे शानदार 6973 रन बनाए है और 50 ओवर के क्रिकेट मे इन्होने 433 मैच खेलते हुए 13000 रन बनाए है ।