भारत और साउथ अफ्रीका के बीच केपटाउन मे पहला टेस्ट मैच 5 जनवरी से शुरु होना है , भारतीय टीम साउथ अफ्रीका तीन टेस्ट मैचो की श्रंखला , 6 एकदिवसीय मैचो की श्रंखला और तीन टी-20 मैचो की श्रंखला खेलने जाएगी ।यह श्रंखला भारतीय टीम के लिए बहुत ही महत्तवपूर्ण है । भारतीय टीम 2017 की जीत की लय को 2018 मे भी बरकरार रखना चाहेगी।

3 मैचो की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका पहुँच चुकी हैं। भारत को दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध 3 टेस्ट मैचो की सीरीज का पहला टेस्ट 5 जनवरी को कैपटाउन में खेलना है, ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को कठिन अभ्यास करना चाहिए, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली सहित टीम के कई खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के कठिन दौरे को हल्के में ले रहे हैं।

साउथ अफ्रीका पहुँचते ही कोहली ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि “हमारे गेंदबाज काफी आक्रामक है और हमारी टीम के पास हर स्थिति मे जीत हासिल करने का संतुलन भी है”।“हमारे लिए यह सत्र दर सत्र जीतने, वर्तमान में रहने, अपनी योग्यताओं को लागू करने का मसला है न कि हम जिस देश में खेल रहे हैं उसके इतिहास में जाने का मसला”।

आगे बढ़ते हुए कोहली ने कहा है कि “भारतीय टीम के कई खिलाड़ी यहां खेले है , हम सभी अपने अपने खेल को जानते है और एक टीम के तौर पर हमे अपनी व्यक्तिगत योगताओ पर भरोसा है।हमे पता है कि मैच के समय हमे क्या करना है और कैसे इस टेस्ट मैच को जीतना है”।

इसके बाद एबी डिविलियर्स के साथ इस श्रंखला मे टक्कर को लेकर भारतीय कप्तान कोहली ने कहा है कि “इस श्रंखला में केवल दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला नही है । एबी मेरे बहुत अच्छे मित्र है , मै इनके खेल का बहुत आदर करता हूँ और निजी तौर पर इनका बहुत सम्मान भी करता हूँ ।जब हम एक दूसरे के खिलाफ खेलेगे तो हम जरूर प्रेम भाव के साथ खेलते नजर आएगे। हम विपक्षियों की तरह मैदान पर बर्ताव करते नजर नहीं आयेंगे। हम हर मैच में जिस तरह से एबी को आउट करने की चाह रखेंगे, वैसे ही दक्षिण अफ़्रीकी टीम भी मुझे, पुजारा और रहाणे को अपना शिकार बनाने की कोशिश करेगी”।

अंत मे कोहली ने 2013 अफ्रीकी दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम को लेकर कहा कि जहाँ तक समझने की बात हैं, तो हम पिछले चार सालो में काफी आगे बढ़ चुके हैं। निजी तौर पर मैं चार साल पहले की तुलना में अब काफी अच्छी तरह से खेल को समझता हूँ। मैंने इस दौरान कई उतार चढ़ाव देखे हैं और हम अभी जहाँ भी हैं, वहां पूरी तरह से सहज हैं और टीम के तौर पर भी बेहतर हैं। हम जानते हैं, कि टीम कैसे वापसी कर सकती हैं हम जानते हैं, कि अब हमे मौका बनाने की जरूरत हैं तो इसे कैसे बनाये, पिछले चार सालो में टीम हर हालात को बेहतर तरीके से समझने लग गई हैं”|

जाने अनजाने में कोहली ने चार साल पहले की धोनी की टीम से अपनी टीम को ज्यादा बेहतर बताया है ।आप सभी की जानकारी के लिए बता दे कि चार साल पहले धोनी की अगुवाई वाली टीम जब अफ्रीका आई थी तो इन्हें 1-0 से मात खानी पड़ी थी ।उस समय कोहली भी टीम का हिस्सा थे और इन्होने एक शतक भी लगाया था।