एक ओर भारत और श्रीलंका के बीच टी-20 श्रंखला चल रही है तो दूसरी ओर साउथ अफ्रीका दौरे के बारे मे चर्चा हर जगह जारी है । साउथ अफ्रीका का दौरा भारत के लिए बेहद महत्तवपूर्ण है ।  इस दौरे के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने भारत के कई दिग्गज खिलाड़ियों को आराम दिया है ।

भारत और श्रीलंका के बीच साल 2017 का यह आखिरी दौरा है ,इस दौरे मे अब तक भारत का पलड़ा भारी रहा है । भारत ने श्रीलंका को तीन टेस्ट मैचो की श्रंखला मे 1-0 से हराया था और अब 17 दिसंबर को डिसाइडर मैच जीतकर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय मैच मे भी जीत प्राप्त कर ली है । भारत ने यह श्रंखला 2-1 से जीती है ।टी-20 श्रंखला का पहला मैच भी भारत के नाम हो चुका है ।

भारतीय टीम का साल 2018 का आगाज साउथ अफ्रीका मे टेस्ट श्रंखला के साथ होगा । साउथ अफ्रिका का दौरा भारतीय टीम के लिए बेहद महत्तवपूर्ण माना जा रहा है । साउथ अफ्रीका से भिड़ने से पहले भारतीय टीम वार्म अप मैच खेलेगी । इसके लिए भारतीय टीम कुछ दिन पहले ही साउथ अफ्रीका चले जाएगी ताकि वहा की कंडिशन को सही से समझ सके ।

साउथ अफ्रीका दौरे से पहले भारतीय टीम के कोच रवी शास्त्री ने बहुत ही महत्तवपूर्ण निर्णय को सबके सामने उजागर किया है । भारतीय टीम मे अभी चार सलामी बल्लेबाज है , एक है अजिंक्या रहाणे , शिखर धवन, मुरली विजय और के एल राहुल ।

परंतु दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका की मजबूती उनकी तेज गेंदबाजी से है । भारत टेस्ट क्रिकेट मे नंबर एक है तो साउथ अफ्रीका नंबर दो पर , तो यकीनन यह टक्कर बहुत ही कड़ी होगी ।

स्मिथ ने पीटीआई को इंटरव्यू देते हुए कहा है कि “दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी मजबूत है , एअबी डिविलियर्स की वापसी से इस टीम मे दो चाँद और जुड़ जाएगे। साउथ अफ्रीका के पास चार तेज अनुभवी गेंदबाज है जो मैच मे खेल सकते है , स्मिथ के मुताबिक साउथ अफ्रीका की टीम तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ उतरेगे।

आगे बढ़ते हुए स्मिथ ने कहा कि मुझे लगता है कि केपटाउन मे भारत के पास एक सुनहरा मौका है । दक्षिण अफ्रीका मे गेंद का स्विंग होना दिक्कत नही है बल्कि गेंद का उछाल सबसे बड़ी दिक्कत है । साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन , वर्नेन फिलेंडर , मोर्ने मोर्कल और रबाडा जैसे तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजो की नाक मे कर सक्ते है दम।