India's Yuvraj Singh (L) congratulates teammate Gautam Gambhir after India's win over New Zealand in the second one-day international cricket match in Jaipur December 1, 2010. REUTERS/Adnan Abidi (INDIA - Tags: SPORT CRICKET) - RTXVA4X

भारत ने 2011 का विश्व कप जीता था , जिसमे भारत का फाइनल मुकाबला श्रीलंका से हुआ था , इस मैच मे भारत को एक सम्मानजनक स्कोर का पीछा करना था । स्कोर का पीछा करते हुए भारत के दो प्रमुख शुरुआती बल्लेबाज जल्द ही आउट हो गए थे , जिसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली ने स्कोर को आगे बढ़ाया ओर साझेदारी की । पर यह साझेदारी ज्यादा लंबी नही रही ओर विराट कोहली ने अपनी विकेट गँवा दी जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी क्रिज़ पर आए और गौतम गंभीर के साथ धोनी ने लंबी साझेदारी की ।

हालाँकि गौतम गंभीर अपना शतक बनाने से चूक गए थे , पर इन्होने अपनी इस महत्तवपूर्ण पारी से भारत को जीत के पास लाकर खड़ा कर दिया था और बाद का काम युवराज सिंह और धोनी ने मिलकर किया और विश्व कप जीत लिया । गौतम गंभीर बेहद प्रभाव्शाली बल्लेबाज है , इनकी सराहना सारा विश्व करता है और इन्होने विरेंद्र सहवाग के साथ कई महत्त्वपूर्ण साझेदारी की है ।

हालाँकि गौतम गंभीर फिलहाल भारतीय टीम से बाहर चल रहे है , पर वह आय दिन चर्चा के पात्र बने रहते है । हाल ही मे गौतम गंभीर ने आज तक के एक शो मे इंटरव्यू दिया था, जहां इन्होने बताया कि किस वजह से इन्होने फाइनल मे इतना अच्छा प्रदर्शन किया ।

गौतम गंभीर ने इस इंटरव्यू के दौरान बताया कि वर्ल्ड कप के फाइनल मैच को लेकर यह क्या सोच रहे थे| इन्होने बताया कि कुछ खिलाड़ी सचिन के लिए यह वर्ल्ड कप मैच जीतना चाहते थे ।पर मुझे यह मैच मेरे देश के लिए जीतना था ।यह मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा थी , मेरे लिए किसी खिलाड़ी के लिए वर्ल्ड कप जीतने से ज्यादा जरुरी था कि मै मेरे दएश के लिए यह वर्ल्ड कप जीतूं ।

युवराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि “मेरे लिए मेरी बीमारी से ज्यादा सचिन के वर्ल्ड कप जीतना ज्यादा जरुरी थी । हम उनके लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहते थे”।

सचिन ने भी इंटरव्यू के दौरान बताया था कि “उनके लिए वर्ल्ड कप जीतना हमेशा से ही एक सपना रहा है। वह हमेशा से ही वर्ल्ड कप जीतना चाहते थे”।