भारतीय टीम से बाहर चल रहे दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने लगातार असफ़लता से निराश होकर एक बड़ा बयान दिया हैं. वर्ष 2011 में भारत को विश्वकप दिलाने वाले युवराज सिंह पिछले कुछ समय से ख़राब फॉर्म और फ़िटनेस के कारण भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं.

Image result for yuvraj singh upsetयुवराज सिंह ने कहा, मैं यह बताना चाहूँगा कि मैं विफल रहा हूँ. मैं अब भी नाकाम हूँ. मैं कम से कम 3 फिटनेस टेस्ट में असफ़ल रहा, लेकिन मैंने कल अपना फिटनेस टेस्ट पास कर लिया. 17 वर्षो बाद मैं अब भी असफल हो रहा हूँ.”

यूनिसेफ के एक कार्यक्रम में युवराज ने कहा कि वह अपने करियर को लेकर कोई भी फैसला वह खुद ही करेंगे.

युवराज सिंह ने कहा, “मैं कभी भी असफ़लता से नहीं डरता. मैं करियर के दौरान उतार-चढाव से गुजरा हूँ. मैंने हार देखी है और यह असफ़लता का प्रमुख भाग हैं. एक सफल पुरुष बनने के लिए, एक सफल इंसान बनने के लिये आपका असफल होना जरूरी है, आपका हारना जरूरी है. इससे आप मजबूत इंसान बनते है और इससे आप अगले स्तर पर पहुँचते हैं.”

युवराज सिंह का कहना है, कि ख़राब प्रदर्शन के बाद उन्हें नहीं पता कि कितने लोग अब भी उन पर विश्वास करते है, लेकिन इस दौरान युवराज ने खुद पर विश्वास करना नहीं छोड़ा हैं.

Image result for yuvraj singh upsetयुवराज सिंह ने कहा, “मैं अब भी क्रिकेट खेल रहा हूँ. मैं नहीं जानता कि किस फॉर्मेट में मैं खेलने जा रहा हूँ. लेकिन मैं आज भी पहले की तरह मेहनत कर रहा हूँ, हो सकता है कि यह पहले से भी कड़ी हो क्योंकि अब मेरी उम्र बढ़ रही है. मुझे लगता है, कि मैं 2019 तक क्रिकेट खेल सकता हूँ और फिर उसके बाद कोई फैसला करूंगा.”

युवराज सिंह ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-ट्वेंटी खेले है, इस दौरान युवराज सिंह ने क्रमशः 1900, 8701 और 1177 रन बनाये हैं. भारत को टी-ट्वेंटी विश्वकप 2007 और आईसीसी विश्वकप 2011 दिलाने में युवराज सिंह की सबसे अहम भूमिका रही हैं.