रोहित शर्मा भारत के शुरुआती बल्लेबाज है , यह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए माने जाते है ।इनकी बात की जाए तो इन्होने कई घातक पारियो की वजह से भारत को जीत दिलाई है , सिर्फ इतना ही नही इन्होने अपनी पारियो से सबको प्रभावित किया है तभी यह हमेशा से ही भारत के प्रमुख खिलाड़ियों मे से एक रहे है । इनके करियर की बात की जाए तो इन्होने अपनी 20 साल की उम्र से ही अपना अंतराष्ट्रीय करियर शुरु कर दिया था , इन्होने भारत के लिए अपना पहला मैच 23 जून 2007 को आयरलैण्ड के खिलाफ खेला था । इन्होंने भारत के शुरुआती बल्लेबाज के तौर पर अपना करियर शुरु किया था और यह लगातार अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे । सिर्फ इतना ही नही जब इनको इनकी टेस्ट कैप मिली तब इन्होने अपने पहले दो टेस्ट मैचो मे ही लगातार दो शतक लगाए थे जिसमे से एक 137 और दूसरा 111 रन थे |

13 नवंबर 2014 मॆं रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ अकेले ही एक स्कोर बनाया जो किसी टीम के कुल स्कोर के समान सा लग रहा था , 264 रन रोहित शर्मा ने अकेले ही बनाए थे और यह स्कोर विश्व मे एकदिवसीय क्रिकेट मे किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए स्कोर से कई ज्यादा है ।यह एकमात्र विश्व के ऐसे खिलाड़ी है जिन्होने एकदिवसीय क्रिकेट मे दो दोहरे शतक लगाए है ।

रोहित शर्मा भारत के ऐसे दूसरे बल्लेबाज बने जिन्होने क्रिकेट के सारे प्रारुपो मे शतक लगाए है , सिर्फ यही खत्म नही होती इनकी दास्ता यह विश्व के ऐसे खिलाड़ी बने जिसने एकदिवसीय मैँ दो दैहरे शतक लगाए है।

हाल ही मे एक इंटरव्यू के दौरान रोहित शर्मा से उनके जर्सी नंबर का रहस्य पूछा गया तो उन्होने कहा कि- “यह कोई रहस्य नही है । मुझे अभी भी याद है हम अंडर 19 विश्व कप खेल रहे थे , जो टीवी पर टेलीकास्ट हुआ था और हममे से किसी की जर्सी पर भी नंबर नही लिखा था” ।

आगे बढ़ते हुए रोहित शर्मा ने बताया कि सेमी फाइनल मैच से पहले , खिलाड़ियों को उनके जर्सी नंबर चुननए के लिए कहा गया था । मैंने 19 नंबर की माँग की थी , परंतु य नंबर खाली नही था क्योँकि पहले ही किसी ओर ने यह चुन लिया था । जिसके बाद मैंने अपनी माँ को फिन किया ओर उन्होंने मुझे 45 नंबर चुनने के लिए कहा । जिसके बाद से मेरी जर्सी पर 45 नंबर ही रहा है और यही मेरे जर्सी नंबर की कहानी है।