सभी क्रिकेट प्रसंशको को भारत बनाम पाकिस्तान लॉर्ड्स अभी तक याद होगा. भारतीय टीम की ख़राब बल्लेबाज़ी के बाद टीम का युवा खिलाड़ी पाकिस्तानी की गेंदबाजी के विरुद्ध अकेला खड़ा और सभी प्रसंशको की उम्मीद को क़ायम रखे हुआ था.

फिर मैच में ऐसा मोड़ आया जब क्रीज में मौजूद दो खिलाडियों के बीच गलतफ़हमी हुई और उसके बाद मैच में भारतीय उम्मीदे भी लगभग खत्म हो गई. अब तक आप समझ ही गए होगे, कि हम आईसीसी चैंपियंस ट्राफी 2017 में भारत बनाम पाकिस्तान के बीच खेले गए फाइनल में हार्दिक पंड्या के रनआउट की बात कर रहे हैं.

खिलाड़ी परिपक्व हैं, हमें सीखने की ज़रूरत है

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हालाँकि इस घटना के बाद रविन्द्र जडेजा को दुर्व्यवहार और नकारात्मकता का सामना करना पड़ा. इस घटना के बाद जडेजा को पंड्या के रनआउट होने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया. क्रिकेट प्रसंशको का मानना था, कि जडेजा को अपनी विकेट का त्याग करना चाहिए था. इस दौरान जडेजा के लिए सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बात रह थी, कि वह इस घटना में शामिल थे. इस घटना के बाद कई क्रिकेट प्रसंशको ने जडेजा को टीम से बाहर करने तक की मांग कर डाली. इस घटना के बाद ऐसा लगने लगा जैसे हर के लिए सिर्फ जडेजा ही जिम्मेदार हैं.

यह सिर्फ खेल का हिस्सा है, इस दौरान कई बार ऐसे घटना देखने को मिलती रहती है, ऐसे में एक गलती से वजह से इस तरह से किसी खिलाड़ी की आलोचना करना सही नहीं हैं. इस दौरान ख़ास बात यह रही, कि मैच से कुछ दिनों पहले जडेजा पहली पिता बने, इस ख़ास मौके पर उन्हें अपने परिवार के साथ होना चाहिए था, हालाँकि उन्होंने देश को सर्वप्रिय मानते हुए क्रिकेट खेलने का निर्णय लिया था.

पंड्या और जडेजा इस घटना को भूलकर आगे बढ़ चुके है. हमे भी ऐसा करना चाहिए
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दुसरे वनडे में भारतीय युवा आल-राउंडर हार्दिक पंड्या ने ऑस्ट्रेलिया कप्तान स्टीव स्मिथ को एक तेज बाउंसर डाला, जिसे स्मिथ ने मिड-विकेट दिशा में खेला. इस दौरान भारत के सबसे बेहतरीन फ़ील्डर जडेजा ने तेज दौड़कर शानदार कैच पकड़ा. जिसके बाद पंड्या ने दौड़कर जडेजा को गले लगाकर विकेट का जश्न मनाया.

दुसरे वनडे में पंड्या और जडेजा को देखकर यह साफ़ दिखता है, कि दोनों खिलाडियों को एक-दुसरे से कोई शिकयत नहीं हैं. दोनों उस घटना को भूलकर आगे बढ़ चुके हैं. हालाँकि अभी भी ऐसे लोग हैं जो महसूस करते हैं कि जडेजा को कभी माफ नहीं किया जाना चाहिए और ऐसी मानसिकता सिर्फ बेतुका और सर्वथा दर्शाती हैं.