एमएस धोनी विश्व के सबसे सफलतम विकेटकीपर बल्लेबाजों में एक हैं. बतौर कप्तान भी धोनी ने अपने करियर के दौरान ऐसे कई मुकाम हासिल किया, जोकि आजतक अन्य कोई कप्तान हासिल नहीं कर पाया हैं.

मैदान पर खेल के प्रति धोनी की प्रतिबद्धता का कोई साहनी नहीं हैं. वर्ष 2004 में अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले धोनी पिछले 13 वर्षो से भारत के लिए लगातार विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाले हुए है, इस दौरान सबसे ख़ास बात यह रही है, कि धोनी अपने करियर के दौरान कभी भी अपनी फ़िटनेस के कारण टीम से बाहर नहीं हुई हैं. मैदान पर क्रिकेट के प्रति धोनी की प्रतिबद्धता आज भी युवा खिलाडियों के लिए मिसाल हैं. वर्ष 2006 में धोनी ने एक बार बल्लेबाज़ी के दौरान भी कुछ ऐसा किया था, जोकि अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में युवा खिलाडियों के लिए प्रेरणा हैं.

‘कूलिंग फेन’ पहनकर की बल्लेबाज़ी


वर्ष 2006 में झारखण्ड के जमशेदपुर में भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे मैच खेला गया. मैच के दौरान जमशेदपुर का तापमान इतना ज्यादा था, कि मैदान पर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था.

मैच में भारतीय कप्तान वीरेंदर सहवाग ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया. जिसके बाद सहवाग पहली बार धोनी के साथ पारी की शुरुआत करने आये. मैच में भारत की शुरुआत बेहद ख़राब रही और महज 79 रनों पर आधी भारतीय टीम पवेलियन लौट गई, लेकिन इस दौरान भयंकर जला देने वाली गर्मी में धोनी एक छोर पर खड़े रहे, और रोमेश पोवार के साथ मिलकर 100 रनों की साझेदारी निभाई.

मैदान पर 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण मैदान पर रुकना बेहद था, लेकिन धोनी लगातार 2 घंटो से बल्लेबाज़ी कर रहे थे, तभी उन्हें डिहाइड्रेशन ने परेशान किया, ड्रेसिंग में बैठे खिलाडियों ने धोनी को मैदान से वापसी आने की सलाह दी, लेकिन टीम की ख़राब स्तिथि को देखते हुए धोनी ने बल्लेबाज़ी जारी रखी, हालाँकि इस दौरान धोनी ने गर्मी से बचने के लिए एक नया और सबसे अजीब तरीके अपनाया.

दरअसल धोनी गर्मी से निजात पाने के लिए कमर पर कूलिंग फेन बांधकर बल्लेबाज़ी करने लगे. दुर्भाग्य से इस कूलिंग फेन के बाधने के तुरंत बाद धोनी आउट हो गए. लेकिन मैदान पर अपनी प्रतिबद्धता दर्शाकर धोनी ने एक मिसाल कायम की.

मैच में धोनी ने 106 गेंदों पर 10 चौके और 3 छक्को की मदद से शानदार 96 रनों की पारी खेली, जिसकी मदद से भारतीय टीम ने 223 रनों का सम्मानजनक स्कोर बनाया, हालाँकि इस मैच में भारत को 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी.