वीरवार को दिल्ली में होने वाली बैठक में बीसीसीआई की वित्त समिति घरेलू क्रिकेटरस के वेतन को लेकर चर्चा करेगी , माना जा रहा है कि इस बैठक मे घरेलू क्रिकेटरस के वेतन में  100 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी । महिला क्रिकेटरस और मैच के अधिकारियों को भी यही उम्मीद है की उनके वेतन में भी 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी ।

वैसे तो इस बैठक को बहुत पहले हो जाना चहिए था पर लेट ही सही हुई तो | हालांकिअभी घरेलू क्रिकेटर 10000 रुपये ले रहे है प्रतिदिन के , जब यह 100 प्रतिशत बढ़ जाएगी तब इनकी प्रतिदिन आय 20000 रुपये हो जाएगी ।

वित्त समिति मैच के अधिकारियो जैसे अंपायर , वीडियो एनालेस्ट आदि के भी वेतन में बढ़ोतरी हो । मैच अधिकारियों की आखिरी बार आय में बढ़ोतरी 2011 मे हुई थी । चाहे जितने भी प्रतिशत घरेलू क्रिकेटरस की आय में बढ़ोतरी होगी उतनी ही मैच के अधिकारियो की होगी । उदाहरण के तौर पर अगर घरेलू क्रिकेटरस की आय 50 प्रतिशत बढ़ती है तो मैच अधिकारियों की भी 50 प्रतिशत बढ़ेगी ।

बीसीसीआई के खेल विकास प्रबंधक रत्नाकर शेट्टी ने एक प्रस्ताव रखा था जिसमे एक रणजी ट्रॉफी के खिलाड़ी की आय 10000 से बढ़ाकर 40000 कर देने की माँग थी । यह प्रस्ताव इसलिए रखा क्यूँकि कुछ खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट मे अपना दम खम झोंक देते है । आईपीएल जैसी लीग ने सभी खिलाड़ियों के मध्य इतना बड़ा अंतर पैदा कर दिया है ।

हालांकि यह संभावना नहीं है कि शेट्टी के प्रस्ताव को मंजूरी मिले। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए टीवी अधिकारों से अर्जित अपनी सकल राजस्व का 26 प्रतिशत रखा है। वहां भी पैसा है जो वे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और आईपीएल मीडिया की सही बोली से कमाएंगे, जो कि स्टार इंडिया ने एक बहुत अधिक रुपये के लिए जीता था 16,347.50 करोड़  |

विश्व कप में भारतीय महिला टीम की हाल की सफलता ने बीसीसीआई को अपने वेतन संरचना को फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। सिर्फ रिकार्ड के लिए महिला वरिष्ठ टीम में खिलाड़ियों को 3,300 रुपये प्रति खेल का भुगतान किया जाता है जबकि बोर्ड ने अपने भ्रष्टाचार और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) के अधिकारी को 5000 रुपये प्रति दिन रणजी ट्रॉफी के दौरान भुगतान किया है।