पिछले दस सालों से अपने पसंदीदा क्रिकेट क्षणों के बारे में किसी भी भारतीय प्रशंसक से पूछें, तो 2007 में ट्वेंटी -20 विश्वकप और 2011 विश्वकप भारतीय टीम की शानदार जीत के बारे में ही कहेगा. इन दोनों बड़ी जीत में एक खिलाड़ी ऐसा है, जोकि भारतीय टीम की जीत में सबसे अहम रहा है. वह खिलाड़ी और कोई नहीं नहीं बल्कि युवराज सिंह हैं.

यक़ीनन आल-राउंडर युवराज सिंह सिमित ओवर क्रिकेट में भारत के सबसे बड़े मैच विनर में से एक हैं. युवराज सिंह ने कई मौको पर भारतीय टीम को अकेले जीत दिलाई हैं.

कमबेक के बाद कमबेक

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युवराज सिंह ने अपने करियर के दौरान कैंसर और कई बार ख़राब फॉर्म के कारण टीम से बहर हुए है, हालाँकि इन सभी मौको पर युवराज सिंह ने शानदार वापसी की हैं.

35 वर्ष की उम्र में युवराज सिंह को फिर से टीम से बाहर कर दिया गया है, जिसके बाद कई क्रिकेट पंडितो को लगने लगा है, कि युवराज सिंह का करियर खत्म हो चूका है, लेकिन अगर इस बार भी इतिहास दोहराता है, तो वह जल्द ही भारतीय टीम में वापसी कर सकते है. और सब ठीक रहा तो युवराज सिंह विश्वकप 2019 में भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते है.

इस लेख में हम 3 ऐसे मौको के बारे में जानेगे, जब टीम से बाहर चल रहे युवराज सिंह ने शानदार वापसी की:-

कैंसर के बाद, 2012

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युवराज सिंह के जीवन का सबसे कठिन दौर तब आया जब 28 वर्ष बाद विश्वकप जीतने के बाद उन्हें उनकी कैंसर की बीमारी का पता चला. जिसके बाद सभी को लगने लगा था, कि 30 वर्षीय युवराज सिंह का करियर भी अब खत्म हो जाएगा. ख़ुद युवराज ने भी माना था, कि यह काफ़ी कठिन दौर था.

इस कठिन समय में युवराज ने अपना खुद का रास्ता बनाया. युवराज ने कीमोथेरेपी की जरिये कैंसर से लड़ाई लड़ी और धीरे-धीरे कैंसर को मात देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वापसी की. कैंसर जैसी भयानक बिमारी के बाद युवराज सिंह ने वापसी करके एक मिशाल कायम की थी.

2014 टी-ट्वेंटी विश्वकप में नाकामी

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वर्ष 2014 में श्रीलंका के विरुद्ध टी-ट्वेंटी विश्वकप फाइनल में हार के लिए युवराज सिंह को दोषी ठहराया गया, जोकि उचित भी था. मैच के दौरान वह विराट कोहली को स्ट्राइक तक देने में कामयाब नहीं रहे, जिसके कारण भारतीय टीम ने सिर्फ 130 रन बनाये. युवराज सिंह ने इस मैच में 21 गेंदों पर महज 11 रनों की पारी खेली थी.

दुसरे छोर पर युवराज सिंह की ख़राब बल्लेबाज़ी से विराट कोहली निराश थे, क्यूंकि वह 58 गेंदों पर 77 रन बनाकर खेल रहे थे. जिसके बाद टीम की हार की कारण के युवराज सिंह पर गाज गिरी और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया.

इसके बाद युवराज सिंह ने घरेलु क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. जिसके बाद उन्हें वर्ष 2016 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेली गई टी-ट्वेंटी सीरीज के लिए टीम में चुना गया. इस दौरान अंतिम ओवर में 19 रनों की जरुरत के दौरान युवराज सिंह ने भारत को शानदार जीत भी दिलाई.

वर्ष 2016 इंग्लैंड के विरुद्ध वनडे क्रिकेट में वापसी

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वर्ष 2016 में भारतीय टीम का घरेलु वनडे सीरीज में इंग्लैंड से सामना हुआ. इस दौरान जाहिर तौर पर अधिक योग्य खिलाड़ियों के चयन के दबाव के कारण युवराज को टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत पड़ी. सीरीज के दौरान उन्होंने दिखाया, कि उनमे अभी काफ़ी क्रिकेट बाकि है, और एमएस धोनी के साथ शानदार पारी खेली. इंग्लैंड के विरुद्ध युवराज सिंह ने अपने वनडे करियर का सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए 150 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को मैच 15 रनों से जिताया.

इंग्लैंड में खेली गई आईसीस चैंपियंस ट्राफी 2017 युवराज सिंह के लिए अच्छी रही, जिसके कारण उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर जाने का मौका भी मिला था.