क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने लगभग ढाई दशक तक अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. लेकिन इस दौरान वह कभी भी मैदान के अंदर या बाहर कभी भी किसी विवाद में शामिल नहीं रहे. यह सभी जानते है, कि सचिन ने बल्लेबाज़ी में जो मुकाम हासिल है, तो अन्य खिलाड़ियों के लिए किसी सपने से कम नहीं हैं. शानदार करियर के दौरान सचिन तेंदुलकर ने जिस तरह से खुद को संभाला है और पूरे करियर में अपनी गरिमा को बनाए रखा है वह आश्चर्यजनक है.

शानदार अन्तराष्ट्रीय करियर

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सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 1989 में महज 16 वर्ष की उम्र में पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट क्रिकेट से अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. जिसके बाद से सचिन ने अपने टेस्ट करियर में 200 टेस्ट मैचो में 53.78 की शानदार औसत से 15921 रन बनाये, जिस दौरान सचिन ने 51 शतक और 68 अर्धशतक भी लगायें.

वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने 463 मैचो की 452 पारियों में 44.83 की औसत से 18426 रन बनाये, जिस दौरान सचिन ने नाबाद 200 की सर्वोच्च स्कोर सहित 49 शतक और 96 अर्धशतक भी लगायें.

क्यूँ ही सचिन अन्य क्रिकेटरों से अलग?

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नीचे शेयर की गई विडियो में हम जानेगे, आखिर क्यूँ अन्य खिलाड़ियों से अलग माना जाता हैं. ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेले गए वनडे मैच में दुनिया के सबसे तेज गेदबाज़ कहे जाने वाले ब्रेट ली सचिन को एक घातक तेज बीमर गेंद डाली. जिस दौरान सचिन ने अन्य खिलाड़ियों के विपरीत यह स्वीकार किया, कि ली ने ऐसा जानबूझकर नहीं किया और ब्रेट ली और एक मैत्रीपूर्ण इशारा किया. सचिन के करियर में ऐसा कई बार देखने को मिला था, जब सचिन का व्यवहार अन्य खिलाड़ियों से बेहद अलग रहा हैं.

देखे घटना का विडियो:-