श्रीलंका के तेज गेंदबाज़ लसिथ मलिंगा ने भारत के विरुद्ध चौथे वनडे में बतौर वनडे कप्तान डेब्यू किया. दुर्भाग्य से श्रीलंका को एक मैच में बेहद शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. वर्ष 2004 में अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले मलिंगा ने गुरूवार को अपने 202 वनडे मैच में 300 विकेट पुरे करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की.

10 वर्षो से घर नहीं गया यह गेंदबाज़
Image result for lasith malinga motherदिग्गज तेज गेंदबाज़ लसिथ मलिंगा अपने शुरूआती करियर के दौरान से अपनी पत्नी और बच्चो के साथ कोलोंबो में रह रहे हैं. मलिंगा के माता-पिता गॉल शहर के रथगामा गाँव में रहते है, जोकि उनका पुश्तैनी गाँव हैं.

श्रीलंका के सबसे सफलतम तेज गेंदबाजो में शामिल लसिथ मलिंगा की माताजी का नाम स्वर्ण है, घर में ही रहती है, हालाँकि पहले वह बैंक में नौकरी करती थी.

इस बार लसिथ मलिंगा की माँ स्वर्ण ने एक इंटरव्यू में बताया था, कि “लसिथ पिछले 10 वर्षो से अपने घर गाँव वाले पर नहीं आये हैं.”

स्वर्ण मलिंगा का मानना है, कि क्रिकेट के कारण उनकी ज़िन्दगी काफ़ी व्यस्त हो गई है, उन्हें अब कोलोंबो में ही ज्यादा अच्छा महसूस होता हैं.

लसिथ मलिंगा ने माता-पिता आज भी गॉल के एक छोटे से गाँव में ही रहना पसंद करते है, उनका कहना है, कि उन्हें शहर का शोर शराबा बिलकुल पसंद नहीं हैं.

मलिंगा के माता-पिता का कहना है, कि गाँव में गार्डन की देखरेख में उनका पूरा दिन निकल जाता है, और जब कभी उन्हें अपने बेटे से मिलने का मन करता है तो वह ख़ुद शहर जाकर मलिंगा से मिल आते हैं.

घर पर कपडे सिलती है मलिंगा की माँ
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बैंक की नौकारी छोड़ने के बाद लसिथ की माँ घर पर ही सिलाई करती हैं. मलिंगा की माँ घर पर पोलिस्टर के कपड़े पर सिलाई करती हैं.

लसिथ की माँ का यह भी कहना है, कि वह अपने और लसिथ के पिताजी के कपडे ख़ुद सिलती है, जिससे उनका टाइम पास भी हो जाता है. लसिथ की माँ सिलाई किसी वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि खुस की ख़ुशी और मर्ज़ी के लिए करती हैं.

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