भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के तीसरे टेस्ट का दूसरा दिन भारतीय खिलाडियों के लिए काफ़ी ख़ास रहा. भारत की टीम 3 टेस्ट मैचो की सीरीज में क्लीन-स्वीप के बेहद करीब हैं.

रविवार का दिन भारत के आल-राउंडर हार्दिक पंड्या के लिए बेहद ख़ास रहा. पंड्या ने नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए महज 86 गेंदों पर तूफानी शतक लगाया. टेस्ट में टी-ट्वेंटी पारी के दौरान पंड्या ने 8 चौके और 7 तूफ़ानी छक्के भी लगायें. इस पारी के दौरान पंड्या ने श्रीलंका के स्पिनर मलिंडा पुष्पकुमारा के एक ओवर में 26 रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

पंड्या ने तूफ़ानी पारी का श्रेय धोनी को दिया
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पंड्या की शानदार पारी के बाद चौतरफ़ा पंड्या की तारीफ़ की जा रही है, वही दूसरी ओर पंड्या ने अपनी शानदार पारी के लिए पूर्व कप्तान एमएस धोनी को श्रेय दिया हैं.

पंड्या ने धोनी की तारीफ़ करते हुए कहा, “मैंने माही(धोनी) से सीखा है, कि हमेशा टीम को आगे रखना चाहिए और अपनी व्यतिगत उपलब्धियों को पीछे.”

ज्यादातर बल्लेबाज़ 90 के स्कोर पर पहुचने के दौरान नर्वस हो जाते है, लेकिन पंड्या के साथ ऐसा नहीं है. पंड्या ने आगे कहा, “मैं पहली पारी नाइंटीस(90) पर पहुच डर नहीं लगा. मुझे अपने पुराने शतक याद नहीं है, मैं जब बल्लेबाज़ी करता हूँ तो पुरानी सभी बातें भूल जाता हूँ. मैं बल्लेबाज़ी के दौरान कभी अपनी व्यतिगत उपलब्धि के बारे में नहीं सोचता हूँ, इससे मुझे मदद मिलती हैं.”

धोनी की तारीफ़ करते हुए पंड्या ने कहा, “मैंने एक मन्त्र माही भाई से सीखा है, कि हमेशा अपनी टीम को आगे रखो, स्कोरबोर्ड को देखो और उसके अनुसार ही बल्लेबाज़ी करो. इस मन्त्र से मुझे हमेशा फ़ायदा हुआ हैं.”

पंड्या ने उनके आख़िरी शतक के बारे में पूछा गया तो पंड्या ने बताया, “शायद मैंने आख़िरी शतक अंडर-19 खेलते हुए लगाया था, और अब मैं 24 वर्ष का हूँ. इस मतलब यह हुआ कि मैंने लगभग 4 वर्ष पहले आख़िरी शतक लगाया था. सच कहूँ तो मुझे याद ही नहीं है, मैंने कब आख़िरी शतक लगाया था.”

श्रीलंका के स्पिनर मलिंडा पुष्पकुमारा के एक ओवर में 26 रन मारने के बारे में पंड्या ने कहा, “सच कहूँ तो मैं उस ओवर में बाउंड्री नहीं मारना चाहता था, लेकिन मुझे नहीं पता की किया हुआ. शायद गेंद बल्ले पर अच्छे से आ रही थी, इसलिए मैंने ऐसा किया.”

पंड्या ने अंत मे कहा, “मैंने जब स्कोरबोर्ड देखा तो तब मैं 80 पर बल्लेबाज़ी कर रहा था, तब मुझे अपना स्कोर देखकर बेहद ख़ुशी हुई. इसके बाद मैंने अपनी पारी पर और भी ज्यादा ध्यान केंद्रित किया.”